दिल्ली में 11 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, वीजा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने वीजा शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में 11 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया
नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले ने 11 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने अपने डबल-एंट्री वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया था और हर विजिट के लिए तय समय-सीमा से ज्यादा समय तक रुके थे।
यह कार्रवाई 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' (वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन) के तहत की गई। यह सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ के फॉरेनर सेल द्वारा शुरू किया गया एक खास एनफोर्समेंट अभियान था, जिसका मकसद उन विदेशी नागरिकों की पहचान करना था जो या तो भारत में तय समय से ज्यादा समय तक रुके थे या राजधानी में रहते हुए अपने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया था।
इस ऑपरेशन के तहत, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) के इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप डबास की अगुवाई में और एसीपी (ऑपरेशन्स) पदम सिंह राणा की कड़ी निगरानी में एक खास पुलिस टीम बनाई गई।
पुलिस ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात पहाड़गंज इलाके में गश्त के दौरान पुलिस टीम को एक भरोसेमंद सूत्र से पक्की जानकारी मिली कि बांग्लादेश के कुछ नागरिक, जिनके वीज़ा की मियाद खत्म हो चुकी थी, दिल्ली में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे थे।
सूचना मिलने पर पुलिस ने बांग्लादेश के सिलहट के रहने वाले नईम अहमद नामक एक व्यक्ति को पकड़ा और उससे उसकी पहचान और रहने की जगह के बारे में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह बांग्लादेश का नागरिक है और अभी पहाड़गंज इलाके में रह रहा है।
उसने अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट दिखाया, जिसकी पुलिस ने मौके पर ही जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि पासपोर्ट 23 मार्च को जारी किया गया था और भारत में उसके रहने की अनुमति केवल 28 जून तक ही वैध थी।
हालांकि, आरोप है कि वह बिना किसी वैध एक्सटेंशन या कानूनी अनुमति के तय समय-सीमा से ज़्यादा समय तक देश में रह रहे थे और इस तरह लागू इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। लगातार पूछताछ के दौरान नईम अहमद ने कथित तौर पर बताया कि कई अन्य बांग्लादेशी नागरिक भी अपने वीजा की अवधि खत्म होने के बाद दिल्ली में गैर-कानूनी रूप से रह रहे थे।
यह जानकारी तुरंत एएटीएस के इंचार्ज को दी गई, जिन्होंने इनपुट की पुष्टि करने और आगे की कार्रवाई के लिए एक खास पुलिस टीम बनाने का निर्देश दिया।
नईम अहमद से मिली जानकारी और उसकी पहचान के आधार पर पुलिस टीम ने दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हौजरानी स्थित फ्लैट नंबर 158 पर छापा मारा, जहां कथित तौर पर दस और बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे थे।
पुलिस ने सभी दस लोगों को हिरासत में लिया और उनके पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेजों की जांच की। जांच-पड़ताल में अधिकारियों को पता चला कि वे सभी कथित तौर पर अपने वीजा की वैधता खत्म होने के बाद भी भारत में रुके हुए थे और उनके पास देश में रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था।
इन नतीजों के बारे में एक बार फिर एएटीएस के इंचार्ज को जानकारी दी गई, जिसके बाद तय कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी 11 बांग्लादेशी नागरिकों को देश से वापस भेजने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।
हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान तहमीद अहमद तंजीद (19), सज्जाद हुसैन (25), सब्बीर अहमद (28), नईम अहमद (22), कमाल होसियन (43), शकील अहमद नईम (23), एमडी अशरफुल हक मामून (35), सुल्तान अहमद सोजिब (29), मुजम्मिल अहमद (30), बख्तियार अहमद जोहुरी (29) और जकारिया (26) के रूप में की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, उनके पासपोर्ट, वीजा और इमिग्रेशन रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि सभी 11 लोग डबल-एंट्री वीजा पर भारत आए थे, जिसके तहत उन्हें हर यात्रा के दौरान देश में ज़्यादा से ज़्यादा 15 दिनों तक रहने की इजाजत थी।
हालांकि, जांच में पाया गया कि वे सभी कथित तौर पर तय समय-सीमा से ज्यादा समय तक भारत में रहे, जिससे उन्होंने अपने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया।
पकड़े जाने के बाद सभी 11 विदेशी नागरिकों को 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस' (एफआरआरओ) के सामने पेश किया गया। एफआरआरओ ने जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू की और उन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक हिरासत में रखने के आदेश जारी किए।
