आलू गैंग के सात गुर्गों को 10-10 साल की कैद

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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्या के प्रयास का दोषी दिया करार

रेवाड़ी (सच कहूँ न्यूज)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (Additional District and Sessions Judge) सुनील दीवान की अदालत ने आलू गैंग के सात सदस्यों को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई है। इनमें से एक आरोपी को सात साल और 6 को 10-10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुमार्ने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। रेवाड़ी शहर में आलू और झोटा दो गैंग चर्चित रहे हैं। दोनों के बीच कई गैंगवार हो चुका है।

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27 अक्टूबर 2014 का है मामला

यह मामला 27 अक्टूबर 2014 का है। संघी का बास मोहल्ला निवासी सुनील पुत्र लालसिंह ने धारूहेड़ा चुंगी निवासी तीन भाई योगेश, सुनील व प्रवीण उर्फ मियां, नवीन उर्फ बादशाह, पवन उर्फ पंजी, जम्मू के कूपवाड़ा निवासी बिलाल अहमद, महावीर नगर निवासी राकेश उर्फ राका व कतोपुरी निवासी चंद्रपाल उर्फ धम्मन पर मारपीट करने और फायरिंग करते हुए हत्या का प्रयास करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

8 साल अदालत में चला केस

करीब 8 साल तक अदालत में चले इस केस के दौरान पवन उर्फ पंजी की मौत हो गई थी। कोर्ट में पुलिस और डॉक्टर सहित 2 दर्जन से अधिक लोगों की कोर्ट में गवाही हुई। दोनों पक्षों के वकीलों के बीच हुई बहस और दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। इनमें बिलाल अहमद को आर्म्स एक्ट में दोषी मानते हुए उसे 7 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है, जबकि अन्य 6 दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। सजा पाने वालों में तीन सगे भाई भी शामिल हैं।

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