Body Donation: शरीरदानी सत्या देवी: मरने से पहले कहा था मेरा शरीर दान करना है!

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परिवार ने किया दिवंगत सत्या देवी का शरीर दान | Kurukshetra News

Body Donation: कुरुक्षेत्र (सच कहूँ, देवीलाल बारना)। मृत्यु से पहले आमतौर पर सत्या देवी कहा करती थी कि मरने के बाद मेरा शरीर दान कर देना ताकि मै भी मरणोपरांत इन्सानियत के काम आ पाऊं। बुधवार को परिजनों ने सत्या देवी की बात पर अमल करते हुए मरणोपरांत उनकी पार्थिव देह को मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दिया। बात कर रहे हैं कुरुक्षेत्र जिला के शंकर कॉलोनी, गांव किशनपुरा निवासी 76 वर्षीय सत्या देवी की, जिनकी पार्थिव देह को मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया गया है। जब सत्या देवी के शरीर को मेडिकल रिसर्च के लिए एंबुलेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज में ले जाया जा रहा था तो पूरा वातावरण सत्या देवी अमर रहे के नारों से गूंज गया। Kurukshetra News

शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादारों समेत अन्य लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर सत्या देवी को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर डेरा सच्चा सौदा के 85 मैंबर प्रवीण कडामी, संदीप अन्नू, कपिल इन्सां, राजपाल इन्सां, उमेद, नीलम, बिमला व दर्शना के अलावा सैंकडों की संख्या में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सदस्य, परिवार जन, रिश्तेदार व अन्य लोग उपस्थित थे। Kurukshetra News

अब इन्सानियत के काम आएगी पार्थिव देह | Kurukshetra News

सत्या देवी के बेटे अजायब सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार डेरा सच्चा सौदा के जुड़ा हुआ है। सत्या देवी ने मरणोपरांत शरीदान का फार्म भरा हुआ था। इतना ही नही उन्होंने कई बार परिवार के सामने जिक्र भी किया था कि मृत्यु के बाद उनका शरीर दान किया जाए। गत दिवस उनकी मृत्यु के बाद उन्होने डेरा सच्चा सौदा में संपर्क किया। बुधवार देर सायं फ्यूचर इंस्टीटयूट आफ मेडिकल साईंस बरेली में दिवंगत सत्या देवी की पार्थिव देह को एंबुलेंस के माध्यम से भेज दिया गया है।

रंग ला रही है डेरा सच्चा सौदा की मरणोंपरांत शरीरदान मुहिम: अन्नू

डेरा सच्चा सौदा के 85 मैंबर कमेटी के सदस्य संदीप अन्नू ने कहा कि जिस कुरुक्षेत्र की धरती पर महर्षि दधिची ने अपनी अस्थियों को दान किया था, उसी धरती के वाशिंदे डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर अमल करते हुए मरणोपरांत अपनी देह का दान कर रहे हैं। अब तक कुरुक्षेत्र जिला में कई शरीर दान किए जा चुके हैं। डेरा सच्चा सौदा की मुहिम रंग ला रही है व मेडिकल के स्टूडेंट्स को रिसर्च के लिए मानव शरीर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होने कहा कि डेरा सच्चा सौदा की लाखों साध संगत ने मरणोपरांत शरीर दान का फार्म भरा हुआ है।

भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं सत्या देवी

सत्या देवी अपने पीछे दो बेटे अजायब सिंह व नैब सिंह के अलावा पुत्रवधू प्रकाशो देवी व मेवा देवी, बेटी नैबो देवी, करनैलो देवी, पोत्र रविंद्र, लाडी, गोल्डी व सतबीर, पौत्री कविता व पिंकी को छोड़ गई हैं। उनके शरीर दान के फैसले पर पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है कि उनकी बुजुर्ग का शरीर मेडिकल रिसर्च के काम आएगा। इस दौरान उनकी अर्थी को उनकी बेटियों व पुत्रवधुओं ने कंधा दिया। Kurukshetra News

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