सावधान! भारी न पड़ जाए कैमिकलयुक्त आइसक्रीम

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सच कहूँ-संदीप सांतरे

बराड़ा। क्षेत्र में फफूंद युक्त मिलावटी व घटिया स्तर की आइसक्रीम बिकने से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। अधिकारियों की मेहरबानी पर क्षेत्र के रिहायशी इलाकÞों में अवैध रूप से चल रही इन फैक्ट्रियों में निर्धारित मानकों की धज्जियां उड़ाकर मिलावटी दूध व कैमिकल से रंगीन आइसक्रीम बनाई जा रही है। जिन्हें खाकर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। क्षेत्र में हैजÞा, पेट इंफे क्शन, उलटी-दस्त व लीवर के मरीजों की तादाद बढ़ रही है। संबंधित विभाग की मिलीभगत के चलते इस गोरखधंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जो आने वाले में समय पर बच्चों की जान पर भारी पड़ सकता है। बतां दे कि यहां बनने वाली आइसक्रीमों में मिलावटी दूध, यूरिया, रंग, दूषित पानी, सेक्रीन, शक्कर और एसेंस समेत अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाए जाते हैं। जो शरीर के लिए घातक है।

गुलशन, महिंदर व भानू ने बताया कि मौसम बदलते ही आइस्क्रीम का कारोबार तेज हो जाता है। जोकि प्रशासन की छाया में फÞरवरी माह से लेकर नवंबर माह तक धड़ल्ले से चलता है। बिना लाइसेंस के अनाधिकृत रूप से चल रही इन फैक्टरियों से प्रात: दर्जनों रेहडियां मिलावटी आइसक्रीम लेकर शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री के लिये निकल पड़ती हैं। लोगों का कहना है कि अधिक लाभ के लालच में इन फैक्ट्रियों के संचालक आइसक्रीम में मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे। मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचना काननून जुर्म है, खाद्य विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सहयोग से छापामार कार्रवाही की जाएगी। कोई मिलावटयुक्त खाद्य पदार्थ पाया जाता है तो दोषियों पर कार्रवाही होगी। उन्हें किसी भी किमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
-गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा।

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