शिक्षा और रोजगार
Child Marriage News: बाल विवाह के खिलाफ बुलंद हुई आवाज! ग्राम सभाओं ने लिया ये संकल्प
बाल विवाह में दर्शक के तौर पर बच्चों को भी किया गया शामिल
Child Marriage News: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। गांधी जयंती पर शुक्रवार को जिले की विशेष ग्राम सभाओं में बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक संकल्प लिया गया। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक एवं बाल अधिकार कार्यकर्ता सुनील जागलान की पहल पर गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
अभियान की खास बात यह रही कि बच्चों को भी ग्राम सभा में दर्शक के तौर पर शामिल किया गया, ताकि वे अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ इस संकल्प से जुड़ सकें। ग्रामीणों ने बाल विवाह नहीं करने और ऐसे आयोजन में सहयोग नहीं देने की शपथ ली। अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्कूल मुखिया या नामित शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और महिला पंच सदस्य भी शामिल हुए। इस दौरान ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी गई।
शादी से पहले उम्र का प्रमाण जरूरी
ग्राम सभाओं में वर-वधू की आयु का प्रमाण देखने और विवाह का पंजीकरण कराने पर जोर दिया गया। पंचायत स्तर पर मैरिज रजिस्टर में आयु संबंधी जानकारी दर्ज करने तथा बिना आयु प्रमाण के विवाह नहीं कराने के संबंध में भी जागरूक किया गया। पारित प्रस्तावों का रिकॉर्ड तैयार कर ग्राम पंचायत, बीडीओ/बीडीपीओ, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों की निगरानी बीईओ स्तर पर होगी।
हर गांव में बनेगी कम से कम 7 सदस्यीय समिति
बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक गांव में कम से कम सात सदस्यों की बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति गठित की जाएगी। इसमें सरपंच, विद्यालय प्रधानाचार्य या नामित शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा/एएनएम, महिला पंच सदस्य, नामित अभिभावक और पूर्व सैनिक शामिल होंगे। समिति की पहली बैठक ग्राम सभा के 10 से 15 दिन के भीतर होगी।
कोरम पूरा नहीं होने वाली ग्राम सभाएं फिर होंगी
सुनील जागलान ने बताया कि उन्होंने जिले के कई गांवों की ग्राम सभाओं में स्वयं हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पंचायतों के सहयोग से बाल विवाह के खिलाफ अभियान को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ ग्राम सभाएं कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित हुई हैं। इनकी नई तिथि तय कर दोबारा आयोजन किया जाएगा। अभियान में जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम रही है।
बाल श्रम और शोषण के खिलाफ भी जागरूकता
सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन और जस्ट राइट्स फाउंडेशन की ओर से बाल विवाह के साथ बाल शोषण और बाल श्रम के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। आगे बाल संरक्षण समितियों की गांव स्तर पर बैठकें होंगी। बाल हितैषी पंचायतों की दिशा में बाल सरपंच और बाल पंच बनाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।