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Kutiyana Minor breach: कुतियाना माइनर का कहर, सात दिन में दूसरी बार टूटी; 30 एकड़ फलल जलमगन
किसानों ने कमजोर पटरी को बताया टूटने की वजह
Kutiyana Minor breach: नाथूसरी चौपटा(सच कहूँ/भगत सिंह)। कुतियाना माइनर की समस्या एक बार फिर किसानों के लिए मुसीबत बन गई। क्षेत्र के गांव जोड़कियां के पास शुक्रवार को माइनर अचानक टूट गई, जिससे करीब 30 एकड़ में नरमा और मूंग की फसल जलमग्न हो गई। खेतों में पानी भरने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि करीब सात दिन पहले भी इसी माइनर में कटाव हुआ था। माइनर टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के एसडीओ हरदीप सिंह और जेई विशाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नहराना हेड से कुतियाना माइनर को बंद करवाया, जिसके बाद पानी का बहाव रुका। इसके साथ ही माइनर की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया।
कोर्ट स्टे वाली जगह पर नहीं हुई रिमॉडलिंग
किसानों के अनुसार कुतियाना माइनर की रिमॉडलिंग का काम हुआ था, लेकिन जिस स्थान पर माइनर टूटी है, वहां कोर्ट से स्टे होने के कारण रिमॉडलिंग नहीं हो सकी। किसानों का कहना है कि इसी वजह से यह हिस्सा पहले से कमजोर था और पानी के दबाव के चलते अचानक टूट गया। माइनर टूटने से जहां खेतों में पानी भर गया, वहीं टेल पर स्थित जमाल और कुताना गांवों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार माइनर में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने से उन्हें पीने का पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने कहा, टूटने का कारण स्पष्ट नहीं
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार माइनर अचानक टूट गई थी। टूटने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। माइनर में आई दरार को ठीक करने का काम शुक्रवार दोपहर बाद शुरू कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत पूरी होने के बाद ही माइनर में पानी की आपूर्ति सामान्य की जाएगी।