सरसा की बेटी जैसमीन प्रीत कौर 23 साल की उम्र में बनी जज

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विधायक गोपाल कांडा ने जैैस्मिन को दी शुभकामनाएं

सरसा (सच कहूँ न्यूज)। सिविल सेवा न्यायिक परीक्षा (civil services judicial exam) को उत्तीर्ण कर 23 साल की उम्र में सरसा की बेटी जैसमीन प्रीत कौर सिविल जज बन गई है। जैसमीन की उपलब्धि पर सरसा के विधायक गोपाल कांडा, उनके अनुज गोविंद कांडा व जिलावासियों ने जैैस्मिन को शुभकामनाएं दी हैं। जैस्मिन की इस उपलब्धि पर विधायक गोपाल कांडा और उनके अनुज गोविंद कांडा ने बधाई देते हुए कहा कि जैस्मिन ने सरसा का नाम रोशन कर सभी को गौरवान्वित होने अवसर प्रदान किया है।

जैसमीन के परिवार में खुशी का माहौल

स्थानीय कोर्ट कॉलोनी निवासी हरप्रीत सिंह सिढोरा और देवेंद्र कौर की पुत्री और हिसारिया बाजार निवासी दंत चिकित्सक डॉ. रिछपाल सिंह की भतीजी जैस्मिन ने दसवीं कक्षा की पढ़ाई सेंट जेवियर स्कूल सरसा से पूरी की। बाद में उसने सावन सीनियर सेकंडरी स्कूल से बारहवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद में दिल्ली के स्वामी विवेकानंद इंस्टीटयूट आॅफ प्रीपेशन स्टडी से एलएलबी की। वर्ष 2021 में बीए एलएलबी उत्तीर्ण करने के बाद वर्ष 2022 में पहली बार में ही सिविल सेवा न्यायिक परीक्षा उत्तीर्ण की और सिविल जज बन गई। जैसमीन के परिवार में खुशी का माहौल है।

जज बनने की सूचना आई, तो परिवार फूले नहीं समाया

बता दें कि जब सिविल सेवा न्यायिक सेवा परीक्षा का परिणाम आया, तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार को पूरा विश्वास था कि बेटी जैसमीन जज बनेगी। जैसमीन बचपन से ही जज बनना चाहती थी। परिवार भी जैसमीन के ख्वाब को पूरा करने में जुट गया। जैसमीन का भाई आर्यन यूएस कैलिफोर्निया में इंजीनियर की पढ़ाई कर रहा है। परिवार ने दोनो बच्चों को अच्छे संस्कार दिए और इसी के बलबूते जैसमीन ने 23 साल की उम्र में जज बनकर परिवार का नाम सरसा जिला सहित पूरे प्रदेश में रोशन किया है।

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