Ban on Unrecognized Schools: गैर मान्यता प्राप्त स्कूल, अवैध अकेडमी व ऑनलाइन शिक्षा पर प्रतिबंध की मांग
खिलाफत में मुहिम हुई शुरू
Ban on Unrecognized Schools: भिवानी (सच कहूँ, इन्द्रवेश)। भिवानी में चल रही 87 अवैध अकेडमी व 76 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग भिवानी सख्त हो गया है। इसके चलते शिक्षा विभाग ने गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों व बगैर पंजीकृत अकेडमियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी को लेकर प्राईवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने पत्रकार वार्ता कर बच्चों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूल सबसे बेहतर माध्यम साबित होते है, जहां बच्चा पढ़ने के अलावा खेलने व अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपना विकास कर पाता है। Bhiwani News
वही उन्होंने प्राईवेट स्कूलों द्वारा नियमों से अधिक फीस, वर्दी व प्राईवेट पब्लिशर की किताबों का बोझ स्कूली बच्चों के अभिभावकों पर डाले जाने पर कहा कि इस मामले में कोई भी शिकायत मिलती है तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। भिवानी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्राईवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने कहा कि यदि 10 अप्रैल तक भिवानी जिला की 87 अकेडमी व 76 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो राज्य स्तरीय मीटिंग कर इन गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों का विरोध किया जाएगा। Education News
बच्चों सिर्फ किताबी कीड़ा ना रहे | Bhiwani News
उन्होंने कहा कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों व अकेडमियों के साथ ही कुछ संस्थाएं व शिक्षक स्कूली बच्चों को नॉन अटेंडिंग होने का फायदा उठाकर उन्हे ऑनलाइन कोर्स के पैकेज बांटते है, प्राईवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन इसका भी विरोध जताते है। क्योंकि मोबाईल के अत्याधिक प्रयोग से बच्चों का विकास रूकता है। बच्चों सिर्फ किताबी कीड़ा ना रहे, इसके लिए उन्हे अपने अध्यापकों व सहयोगियों से मिलकर ही शिक्षा लेनी चाहिए, ताकि उसका सही व्यक्तित्व विकास हो सकें। वही उन्होंने कहा कि सीबीएसई व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हालही में डमी एडमिशन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
प्राईवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने आकाश इंस्टीट्यूट, गुरुजी अकेडमी सहित विभिन्न विभिन्न संगठित रूप से कई राज्यों में काम करने वाले बड़ी अकेडमी के नाम लेते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के कानून के अनुसार कोई भी अकेडमी सुबह 8 बजे से सांय 3 बजे तक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को कोचिंग नहीं दे सकती। भले ही उसके पास सरकार से मान्यता हो। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बच्चों को सरकारी या प्राईवेट स्कूलों में भेजे, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो। Bhiwani News