जिला बागवानी अधिकारी 39 लाख के घोटाले में गिरफ्तार

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आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया

सोनीपत (सच कहूँ ब्यूरो)। सोनीपत में 38.97 लाख रुपये के घोटाले में तत्कालीन जिला बागवानी अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। गौरतलब है कि जिले के सोनीपत में कई किसानों ने आधुनिक खेती करने के लिए एमआईडीएच स्कीम के तहत खेत में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए मार्च 2020 में आवेदन किया था। बागवानी विभाग के पास 1366 हेक्टेयर जमीन में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए किसानों के आवेदन आए थे। उसके बाद लॉकडाउन लग गया और मल्चिंग पेपर नहीं लगाया गया था।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद किसानों ने बागवानी विभाग के कार्यालय में मल्चिंग पेपर लगवाने के लिए सरकार से मिलने वाली 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान राशि के बारे में जानकारी मांगी तो उनको बताया गया कि उनकी अनुदान राशि जारी हो चुकी है। जिसकी छानबीन करने पर पता चला था कि अनुदान राशि एक निजी कंपनी के खाते में ट्रांसफर करा दी गई है और इसके लिए किसानों के फर्जी शपथ पत्र लगाए गए है।

बागवानी अधिकारी अंशुल आनंद  निलंबित

कई किसानों ने शिकायत करते हुए कहा था कि कोई शपथ पत्र उनकी ओर से नहीं दिया गया है। बाद में सीएम विंडो से लेकर एसपी और डीसी के पास भी शिकायत की गई थी। कृषि मंत्री जे.पी. दलाल के संज्ञान में मामला आया तो जिला बागवानी अधिकारी अंशुल आनंद को निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा अंशुल आनंद व जींद की कंपनी मै. पॉजीहब एग्रो इंटरनेशनल के खिलाफ उनके स्थान पर आए जिला बागवानी अधिकारी डॉ. हवा सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था। अब मामले में कार्रवाई करते हुए एसआई सुरेंद्र सिंह की टीम ने आरोपी अंशुल आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।

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