पंजाब-हरियाणा को संभालना ‘दुष्यंत गौतम’ के लिए बड़ी चुनौती

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बड़ा सवाल: दोनों राज्यों के अधिकारों का कैसे रखेंगे पक्ष? (Dushyant Kumar Gautam)

सच कहूँ/अश्वनी चावला चंडीगढ़। पंजाब भाजपा के नए इंचार्ज (Dushyant Kumar Gautam) दुष्यंत कुमार गौतम बने हैं। अब उनके लिए सबसे बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई है कि वे पंजाब भाजपा के इंचार्ज होंगे, वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के राज्य सभा सदस्य भी हैं। अब देखने यह होगा कि वे पंजाब-हरियाणा का कैसे अलग-अलग पक्ष रखेंगे?, क्योंकि दोनों राज्यों में पिछले 20 वर्षों से पानी का विवाद चल रहा है। अब यह स्थिति उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगी कि वे हरियाणा के पक्ष का समर्थन करेंगे या पंजाब का?

जानकारी के अनुसार पिछले 20 वर्षों से पंजाब-हरियाणा में पानी का विवाद चल रहा है। हरियाणा यमुना सतलुज लिंक नहर के द्वारा अपने हक का पानी मांग रहा है तो पंजाब पानी की किल्लत के कारण पानी देने के लिए तैयार नहीं है। यह विवाद पिछले दो दशक से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, जिसके अंतिम निर्णय का दोनों राज्यों को इंतजार है। भाषाई क्षेत्रों को लेकर भी पंजाब-हरियाणा में भी अपना अधिकार बताता रहा है। इसके अलावा दोनों राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ को लेकर भी विवाद चल रहा है।

दोनों राज्य अपना-अपना हक जताते रहे हैं, यहां तक कि चंडीगढ़ प्रशासन का प्रशासक भी हमेशा पंजाब का राज्यपाल रहा है। इन मुद्दों में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को ले कर भी दोनों राज्य कई बार आमने-सामने रहे हैं लेकिन यह सभी मुद्दे चुनावी मुद्दे ही बनकर रह गए हैं। इसी वर्ष हरियाणा राज्य से राज्य सभा पहुंचने वाले दुष्यंत कुमार गौतम को भाजपा ने पंजाब का इंचार्ज नियुक्त कर दिया है। वे तीन कृषि कानूनों को लेकर पंजाब में किसानों को शांत करने व विधानसभा चुनाव 2020 की तैयारियों में जुट गए हैं। गौतम के लिए पंजाब-हरियाणा के मुद्दे बेहद चुनौतीपूर्ण होंगे। अब देखना यह होगा कि वे पंजाब का मजबूती से पक्ष रखेंगे या हरियाणा का?

भाजपा नहीं करती क्षेत्रवाद की राजनीति: गौतम

हरियाणा से राज्यसभा सदस्य व पंजाब भाजपा इंचार्ज दुष्यंत गौतम ने कहा कि भाजपा कभी भी क्षेत्रवाद की राजनीति नहीं करती। मानवता ही राष्ट्रवाद होता है, इसीलिए वे दोनों राज्यों में कोई क्षेत्रवाद की राजनीति नहीं करेंगे। जो कुछ भी मानवता के हक में होगा, उसकी बात की जाएगी। पानी के मुद्दे पर जो भी दोनों राज्यों के अधिकार में होगा, उसका समाधान निकालने की वे कोशिश करेंगे, क्योंकि राष्ट्र में एकता कायम रखना भारतीय जनता पार्टी का मुद्दा एजेंडा है।

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