अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल में रंगों, फूलों और उमंग के साथ मनाई गई होली, जल संरक्षण का दिया प्रेरक संदेश

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पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। Pehowa News: अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल पिहोवा में रंगों और फूलों की होली बड़े ही उत्साह, उमंग और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक सजावट और खुशियों की फुहारों से सराबोर नजर आया। स्कूल प्रिंसिपल दुर्गेश शर्मा ने कहा की नन्हे-मुन्ने बच्चों, शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और फूलों से होली खेलते हुए एक दूसरे को होली के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने खूब मस्ती की और रंगारंग होली गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां भी दीं।

बच्चों ने समूह में डांस कर सभी का मन मोह लिया। उनकी मासूम मुस्कान और उत्साह ने पूरे वातावरण को और भी आनंदमय बना दिया। शिक्षकगण भी बच्चों के साथ ताल से ताल मिलाते नजर आए, जिससे पूरा परिसर खुशी और उत्साह से गूंज उठा। इस अवसर पर बच्चों को होली के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया गया। प्रह्लाद और होलिका की कथा के माध्यम से उन्हें बताया गया कि यह पर्व सत्य की असत्य पर विजय, बुराई पर अच्छाई की जीत और प्रेम व भाईचारे का प्रतीक है। विद्यालय की चेयरपर्सन पूनम काहड़ा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा किहोली का पर्व हमें आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश देता है। हमें होली फूलों और प्राकृतिक रंगों के साथ ही मनानी चाहिए तथा पानी का अनावश्यक उपयोग नहीं करना चाहिए। पानी हमारे जीवन का अमूल्य आधार है। अक्सर देखा जाता है कि बच्चे होली पर पानी की टंकियां और बाल्टियां भरकर व्यर्थ बहाते हैं, जो उचित नहीं है। Pehowa News

हमें जल संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। एमडी जन्नत काहड़ा ने कहा की भारतीय संस्कृति में प्रत्येक त्योहार का अपना विशेष महत्व है। होली हमें भेदभाव भुलाकर प्रेम और सद्भाव से रहने की प्रेरणा देती है। बच्चों को हमारी परंपराओं, संस्कारों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल होली ही सच्चे अर्थों में त्योहार की खुशी को बढ़ाती है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर प्राकृतिक रंगों के उपयोग और पानी की बचत का संकल्प लिया। इस प्रकार विद्यालय में मनाई गई होली न केवल हर्षोल्लास से भरपूर रही, बल्कि एक ज्ञानवर्धक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक संदेश भी देकर गई।

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