सॉफ्टवेयर पर तैयार होंगी फर्द, नहीं काटने पड़ेंगे पटवारखानों के चक्कर

Published On

ऐलनाबाद के गांव मिठीसुरेरां में उपमुख्यमंत्री ने जनसभा को किया संबोधित

ऐलनाबाद। (सच कहूँ/सुभाष) प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में जमीन की फर्द तैयार करने के लिए नया सॉफ्टवेयर लिया गया है, जिसके माध्यम से किसानों को अपनी जमीन की फर्द लेने के लिए पटवारखानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जो फर्द यानी जमाबंदी निकाली जाएगी, उस पर क्यू आर कोड अंकित होगा। क्यूआर कोड अंकित होने के कारण ही इस फर्द को वैरीफाइड डॉक्यूमेंट माना जाएगा।

यह भी पढ़ें:– भिक्षावृत्ति में संलिप्त परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

हरियाणा सरकार ने यह सॉफ्टवेयर केंद्र सरकार से खरीदा है और इस सॉफ्टवेयर से जो जमाबंदी निकाली जाएगी, उससे किसान ऋण भी ले सकेंगे और पटवारी से हस्ताक्षर करवाने की भी जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब पीले कार्ड बनवाने के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि आगामी एक जनवरी से एक लाख 80 हजार से कम आय वाले परिवारों की वैरीफाइड आय के आधार पर पीले कार्ड स्वत: ही बन जाएंगे।

उपमुख्यमंत्री मंगलवार को ऐलनाबाद उपमंडल के गांव मिठी सुरेरां में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह, पूर्व मंत्री भागीराम, राजेंद्र लितानी, पूर्व विधायक कृष्ण कंबोज, जिलाध्यक्ष सर्वजीत मसीता, अंजनी लढा, सुरेंद्र लेघा, अशोक वर्मा, हरिसिंह भारी, सुरेंद्र बैनीवाल, डॉ. राधेश्याम शर्मा, तरमेश मिढ़ा, अनिल कासनिया आदि मौजूद थे।

गांवों में भाईचारा बनाए रखें सरपंच-पंच

कार्यक्रम में नवनिर्वाचित सरपंच-पंचों को बधाई देते हुए कहा कि गांवों में भाईचारा बनाए रखें और भाईचारे को कायम रखते हुए विकास पर अपना फोकस करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने टैक्रोलॉजी की मदद से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार की है कि अब लोगों को घर बैठे ही सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसके लिए अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम से भ्रष्टाचार में लगा अंकुश

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले डीसी रेट की नौकरियों में ठेकेदारी प्रथा का चलन था, जिससे कर्मचारियों की अकसर ठेकेदार को लेकर शिकायत रहती थी। अब सरकार ने ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाया है, जिसके माध्यम से युवाओं को पारदर्शी ढंग से सरकारी नौकरी में आने का अवसर मिला है। इसमें गरीब परिवारों के बच्चों को वरीयता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार पूरी तरह से गंभीर है। जिस भी परिवार की आय 1.80 हजार रुपए से कम है, उन परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts