मिड डे मिल वर्करों को मिलेगा बढ़ा हुआ 3500 रुपए मेहनताना

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 2900 रूपए राज्य तो 600 रूपए अदा करेगी केंद्र सरकार

भिवानी, सच कहूँ न्यूज। सीएम घोषणा के बाद अब जुलाई माह से प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में तैनात मिड डे मिल वर्करों को 2500 की बजाए 3500 रुपए मासिक मेहनताना मिलेगा। मार्च माह में मुख्यमंत्री ने पंचकूला में मिड डे मिल वर्करों के राज्यव्यापी आंदोलन के बाद मेहनताना बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन मौलिक शिक्षा निदेशालय ने जून के अंत में पत्र जारी कर जुलाई माह से मेहनताना बढ़ोत्तरी के आदेश जारी किए हैं। जुलाई माह से सभी मिड डे मिल वर्करों को बढ़ा हुए वेतन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। मौलिक शिक्षा निदेशालय से जारी किए गए पत्र में यह भी हवाला दिया गया है कि मिड डे मिल वर्करों को मिलने वाले 3500 रूपयों में 600 रूपयों का सेंटर शेयर होगा, जबकि 2900 रुपए स्टेट शेयर के हिसाब से दिए जाएंगे। दरअसल मिड डे मिल योजना में केन्द्र और राज्य दोनों ही सरकारों की हिस्सेदारी होती हैं।

प्रदेश के 14 हजार सरकारी विद्यालयों में कार्यरत हैं 36 हजार वर्कर

इसलिए इसका बजट भी केन्द्र और राज्य शेयर के हिसाब से ही जारी किया जाता है। मौलिक शिक्षा निदेशालय के इन आदेशों से प्रदेशभर के 14 हजार सरकारी विद्यालयों में तैनात करीबन 36 हजार मिड डे मिल वर्करों को लाभ मिलेगा। इस समय सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को मध्याहन भोजन (मिड डे मिल) पोषाहार दिया जा रहा हैं। इसमें 12 प्रकार के मिनू तय किए हुए हैं। जिसमें रोजाना ही अलग अलग तय मिनू के हिसाब से बच्चों को पका हुआ पोषाहार दिया जाता है। इस वर्ष से बच्चों के पौषाहार में दूध भी शामिल किया हुआ है। अकेले भिवानी जिला के 1119 सरकारी विद्यालयों में तैनात करीबन 2025 मिड डे मिल कुकों को बढ़े हुए मेहनताने का लाभ मिलेगा। दरअसल लम्बे अर्से से मिड डे मिल मेहनताना बढ़ाए जाने और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने एवं स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति दर्ज किए जाने सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन किया गया था। इस आंदोलन के बाद ही प्रदेश सरकार ने मिड डे मिल वर्करों के वेतन बढोत्तरी की दिशा में कदम उठाया।

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