हादसे के बाद भी लोग रेलवे फाटक करते रहे क्रास

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झज्जर: झज्जर के रेलवे फाटक पर पत्नी-पत्नी और उसे 4 साल के पुत्र की सीएनजी ट्रेन से मौत होने के बाद भी स्थानीय लोगों में इस हादसे का रत्ती भर भी असर नहीं दिखाई दिया। रेलवे फाटक पर पुलिस की पेट्रोलिंग टीम, जीआरपी की चहल-कदमी और बंद हुए फाटक के बाद भी कुछ बाइक सवार बंद हुए फाटक के नीचे से निकल रहे थे।

पति-पत्नी और बच्चे की माैत से द्रवित हुए राजस्थान निवासी गेटमैन जगदीश ने बताया कि वो पिछले 4 साल से इस क्षेत्र में गेटमैन की ड्यूटी दे रहा है। जगदीश ने बताया कि फाटक संख्या 26 पर रहते हुए भी वो अपनी ओर से बाइक सवार को क्रासिंग करने से रोकता है तो उसे स्थानीय लोग गालियां देते हैं। कई बार तो मारने के लिए दौड़ पड़ते हैं ऐसे में वो भी चुप होकर रह जाता है।

दिल्ली डिवीजन के डीआरएम ने किया घटनास्थल का दौरा

हादसे की सूचना मिलने पर दिल्ली डिवीजन के डीआरएम ने बेरी रोड गेट के फाटक का दौरा किया। डीआरएम ने यहां आधे किलोमीटर तक फैले हुए पति,पत्नी और बच्चे के शव देखे। डीआरएम ने गेटमैन जगदीश से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही दिल्ली डिवीजन से आए रेल सुरक्षा विभाग के अफसर समेत आरपीएफ के स्टाफ से पूरे सेक्शन पर रेलवे सुरक्षा कड़ी रखने और बंद फाटक से क्रासिंग किसी भी सूरत में न होने की हिदायत दी।

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