उप तहसील पर तालाबंदी की चेतावनी पर धरना में पहुंचे जाखल मंडी के लोग, बाेले-

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जाखल (तरसेम सिंह) जाखल उप तहसील कार्यालय पर बाढ़ का मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर किसानों की ओर से 31 जुलाई से उप तहसील एवं बीडीपीओ कार्यालय के मेन गेट पर तालाबंदी किए जाने की चेतावनी के बाद एक और जहां प्रशासन एवं सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है वहीं तालाबंदी से उप तहसील की कार्य प्रणाली प्रभावित होने को लेकर आज जाखल मंडी के कई लोग किसानों के धरने में पहुंचे। जहां उन्होंने किसानों से उक्त तालाबंदी को लेकर विचार विमर्श करते हुए उनके समक्ष एक मांग रखी। जाखल मंडी निवासी विनोद जिंदल बंटी, प्रॉपर्टी सलाहकार पवन कुमार रीटा, पुनीत बंसल गोपा, विकास कामरा एवं अन्य लोग धरना में पहुंचे। उक्त ने किसान नेता लाभ सिंह उदयपुर, बलकार सिंह, हरविंदर बेनीपाल एवं अन्य से बातचीत कर अपील करते हुए कहा कि वह बाढ़ के मुहावजे को लेकर जिस प्रकार से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं वह उनके इस प्रदर्शन में साथ हैं।

लेकिन फिलहाल उप तहसील में पहले से ही कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण काम नहीं हो पा रहे हैं। चाहे किसी का जमीनों के पंजीकरण का काम हो, अथवा विवाह शादी के पंजीकरण अथवा बच्चों के प्रमाण पत्र बनाए जाने का काम हो कोई भी काम नहीं हो रहा है। कई लोगों ने जमीनों की खरीद बेच संबंधी 31 जुलाई का दिन निधार्रित किया हुआ है। ऐसे में अगर कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल खुल भी गई तो उनके काम नहीं हो पाएंगे। वह किसानों से अपील करते हैं कि कंप्यूटर ऑपरेटर की हड़ताल खत्म होने के बाद 15 दिन की मोहलत दी जाए। ताकि लोगों के जो काम एक तय समय पर होने के लिए पाबंद किए गए हैं वह हो सकें। अगर उप तहसील पर अब तालाबंदी कर दी गई तो यह काम नहीं हो पाएंगे। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अगर किसानों ने ऐसे समय में कामकाज ठप कर दिया तो लोगों में आपसी तकरार भी बढ़ जाएगा।

31 जुलाई को कमेटी करेगी फैसला

किसानों ने उक्त लोगों की बात को ध्यानपूर्वक सुनते हुए कहा कि 31 जुलाई को ही किसान कमेटी के बीच यह फैसला लिया जाएगा। जिसमें मंडी वासी भी पहुंचे सकते हैं। उन्होंने कहा कि कमेटी के लिए गए फैसले के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अभी तक किसी ने भी नहीं ली सुध

किसान नेता लाभ सिंह उदयपुर ने कहा कि अब तक उनके अल्टीमेटम के बावजूद न तो किसी सरकार अथवा प्रशासनिक अधिकारी ने उनकी मांग पर ध्यान दिया है और न ही किसी पक्ष अथवा विपक्ष के नेता ने ही यहां पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में भी रोष प्रकट कर रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेसी सांसद जीतने के बावजूद अभी तक उनकी इस मांग को लेकर कुमारी शैलजा की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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