रोहतक व सोनीपत में विद्यार्थियों ने खून से लिखे पत्र

Published On

रोहतक। (सच कहूँ/नवीन मलिक) हरियाणा में बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में रोहतक में पिछले 50 दिन से अधिक धरने पर बैठे एमबीबीएस विद्यार्थियों ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बुधवार को 51वें दिन धरने को विस्तार देते हुए राष्ट्रपति को रक्त रंजित पत्र लिखा है। बुधवार को भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। वहीं मंगलवार को विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना को पत्र जारी किया था। इसमें सीएम से मिलने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की सर्वसम्मति जाहिर की गई है।

यह भी पढ़ें:– न्यायालय ने की अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग ठुकराई

वहीं सोनीपत में भी छात्राओं ने पॉलिसी को वापस लेने के लिए अपने खून से पीएम, सीएम और गृह मंत्री के नाम पत्र लिखा है। सोनीपत में भी बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में बॉन्ड पॉलिसी को वापस लेने की मांग को लेकर छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठी। छात्राओं का कहना था कि अभी 48 घंटे के लिए भूख हड़ताल शुरू की है, यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो भूख हड़ताल को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द बॉन्ड पॉलिसी को वापस लिया जाए।

छात्राओं ने शुरू की भूख हड़ताल

बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राएं 4 नवंबर से हड़ताल पर बैठी हैं। छात्राएं विभिन्न प्रकार से बोर्ड पॉलिसी का विरोध कर रही हैं। बुधवार के छात्राओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी हैं। छात्राएं सुबह 9 बजे 48 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं। छात्राओं ने एकमत होकर कहा है कि जब तक सरकार बॉन्ड पॉलिसी को वापस नहीं लेती है भूख हंड़ताल जारी रखेंगी।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts