सरपंचों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

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22 जिलों से सरपंचों के प्रतिनिधियों ने राज्य स्तरीय बैठक में लिया भाग

  • अधिकारों के हनन को लेकर 16 को करेंगे प्रदर्शन

जींद (सच कहूँ न्यूज)। रविवार को जींद की जाट धर्मशाला में 22 जिलों से सरपंचों के प्रतिनिधियों ने राज्य स्तरीय मीटिंग कर निर्णय लिया कि भाजपा सरकार के बीते कार्यकाल में गांव के विकास के लिए बजट ना के बराबर आया है।

गांव का विकास न होने के कारण सरपंचों की लोगों के सामने कोई जवाब देही नहीं बन पा रही है। सरपंच एसो. जींद के जिला प्रधान सुरेंद्र कुमार ने राज्य स्तरीय मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले तीन सालों में पंचायतों के अधिकारों का हनन हो रहा है।

गांव में विकास के लिए नाम मात्र ही पैसा भेजा जा रहा है। ऐसे में गांव के विकास कार्य प्रभावित होने के कारण सरपंच खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जब गांव में विकास कार्य ही नहीं होंगे तो फिर कैसी सरपंची।

उन्होंने कहा कि अधिकारों के हनन और अन्य मांगों को लेकर सरपंचों का प्रतिनिधिमंडल कई बार मुख्यमंत्री से मिल चुका है। किंतु आज तक गांव के विकास को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।

जिसके चलते अब सरपंच एसो. कहाकि यदि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती तो कड़ा आंदोलन का रास्ता इख्तियार किया जाएगा। इस मौके पर गांव के चौधरियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर आग उगली।

सरकार पर अनदेखी का आरोप

रोहतक से पहुंचे सरपंचों के नेता राकेश कुमार, पलवल जिला प्रधान हरदीप, रविंद्र पहल गन्नौर उपप्रधान, महावीर सतपाल झज्जर, संदीप अहलावत, मंजीत, विनोद भाटी, अशोक कुमार आदि सरपंचों ने कहा कि वर्तमान की पंचायतें पढ़ी-लिखी है और वे अपने अधिकारों को पाने में सक्षम है। सरकार, सरपंचों की अनदेखी कर रही है।

इसलिए राज्य स्तरीय मीटिंग करके निर्णय लिया गया है कि 16 जुलाई को जींद की नई अनाज मंडी में पंचायतों का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करवाया जाएगा। इस सम्मेलन में अधिकारों तथा दूसरी मांगों को पूरा कराने के लिए निर्णायक निर्णय लिया जाएगा।

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