साईं इंस्टिट्यूट में छात्र चरित्र निर्माण कार्यक्रम का आयोजन

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खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। Kharkhoda: सोनीपत मार्ग पर स्थित साई इंस्टीट्यूट में छात्र सभा सोनीपत द्वारा आयोजित चरित्र निर्माण कार्यक्रम के तहत छात्रों को संबोधित करते हुए सोमवीर आर्य ने छात्रों को आह्वान किया हमें भौतिक शिक्षा के साथ जीवन जीने के नैतिक मूल्य अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए वचनबद्ध रहना होगा। उन्होंने बताया कि मनुष्य यह मात्र एक प्राणी नहीं है, यह सृष्टि की सबसे अद्भुत रचना है। प्रकृति ने हजारों जीव बनाए, परंतु मनुष्य को बुद्धि, विवेक, संवेदना और आत्मचिंतन की शक्ति देकर एक विशेष स्थान दिया। Kharkhoda

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। उसके हर कार्य से समाज प्रभावित होता है। अतः उसके ऊपर यह उत्तरदायित्व है कि वह
सत्य बोले, न्याय करे,और दूसरों की भलाई के लिए कार्य करे। उन्होंने बताया कि मनुष्य के पास सोचने, समझने और निर्णय लेने की शक्ति है। इसलिए उसके ऊपर यह भी उत्तरदायित्व है कि वह अपने विचारों को शुद्ध करे, अपने चरित्र को ऊँचा बनाए,और आत्मा की उन्नति की ओर बढ़े। इसके अलावा वह निर्बलों की रक्षा करे,मनुष्य होना केवल जन्म लेना नहीं है, मनुष्य वह है जो अपने कर्तव्यों को पहचाने और उन्हें निभाए। यदि हम सब अपने कर्तव्यों को समझें और पूरे मन से निभाएँ, तभी हम सच्चे अर्थों में “मनुष्य” कहलाएँगे। Kharkhoda

इस मौके पर साई इंस्टीट्यूट संचालक सुधीर ने कहा कि संस्कार से ही संसार का निर्माण संभव है।
साई इंस्टीट्यूट स्टाफ ने छात्र सभा सोनीपत के पदाधिकारी का स्वागत किया।
इस मौके पर डायरेक्टर सुधीर स्वामी, इंस्टीट्यूट संचालिका खुशी स्वामी, सलोनी, सन्नी, मंजू दहिया मौजूद रहे।

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