भर्ती घोटाला आरोपियों को खट्टर सरकार का समर्थन व संरक्षण : कांग्रेस

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चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा कांग्रेस ने हरियाणा लोकसेवा आयोग (एचपीएससी) की तरफ से 10 नए पदों की भर्ती के लिए डाक्युमेंट वेरीफिकेशन शेड्यूल जारी करने पर सवालिया निशान लगाते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि भर्ती घोटालों के आरोपियों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार का समर्थन व संरक्षण प्राप्त है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा और मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने यहां जारी संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि 17 नवंबर को ‘नौकरी घोटाला’ उजागर हुआ था और उसके एक महीने बाद यह साफ है कि आरोपियों को मुख्यमंत्री का समर्थन व संरक्षण है। उन्होंने आरोप लगाया कि खट्टर सरकार अपराधियों को जाँच के दायरे से बचा ‘ऑपरेशन एयरलिफ्ट’ चला रही है।

कांग्रेस का आरोप…

कांग्रेस नेताओं के बयान में कहा गया है कि जिन पदों की भर्ती की डाक्युमेंट वेरीफिकेशन का शेड्यूल जारी किया गया है, उनके लिए 14 सितंबर, 2021 को एचपीएससी ने ली थी और इन परीक्षाओं में गोपनीयता समेत सब चीजों के कर्ता-धर्ता भी अनिल नागर थे, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया और आयोग से बर्खास्त भी। कांग्रेस नेताओं ने सवाल किया गया है कि 6 दिसंबर के उनके बर्खास्तगी आदेश में लिखा है कि नागर की देखरेख में रखे भर्तियों के रिकॉर्ड की कोई वैधता नहीं बची। इसके बावजूद भी उनकी देखरेख में 14 सितंबर 10 पदों के पेपरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का आदेश एचपीएससी ने कल कैसे जारी किया? और आरोप है कि साफ है कि पूरा मामला अब रफा दफा कर दिया गया है।

आयोग के अध्यक्ष आलोक वर्मा को जांच के लिए बुलाया जाए

कुमारी सैलजा और सुरजेवाला ने आयोग के अध्यक्ष आलोक वर्मा को जांच के लिए न बुलाए जाने पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि 17 नवंबर की प्राथमिकी में नामजद एचपीएससी घोटाले के मुख्य आरोपी के तौर पर जसबीर भलारा और सेफडॉट ई. सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि वर्मा इन्हें क्लीन चिट दे रहे हैं। बयान में आरोप लगाया गया है कि विभिन्न घोटालों में रिश्वत देने वाले और फजीर्वाड़ा करने वाले प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इस तरह विजिलेंस विभाग की लीपापोती वाली कार्रवाई से साफ है कि पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और जांच की भ्रूण हत्या कर दी गई है।

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