वैक्सीनेशन के बाद लोगों को नहीं दी जा रही ‘टेबलेट’

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लोगों की शिकायत पर सच कहूँ संवाददाता ने किया वार्डों का दौरा

सच कहूँ/तरसेम सैनी, शामवीर, रतिया। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आमजन को करोना महामारी की रोकथाम में टीकाकरण और आमजन की सावधानी ही बचाव का सर्वोत्तम उपाय के लिए वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए गए है। मगर कुछेक अधिकारियों की लापरवाही के चलते कुछ लोग वैक्सीन लेने से इंकार कर रहे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन को कोविड-19 से बचाव के लिए शहर काफी वार्डोें में टीकाकरण किया जा रहा है, इसके अलावा कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज समय पर लगवाने की सलाह भी दी जाती है, लेकिन कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण के बाद लोगों को बुखार आदि से बचाव के लिए टेबलेट दी जाती है, लेकिन पिछले कई दिनों से मीडिया को मिल रही शिकायतों के दौरान जब सच कहूँ संवाददाता तरसेम सैनी ने वार्डों का दौरा किया तो पता चला कि टीकाकरण करवाने आए किसी भी व्यक्ति को गोली नहीं दी जा रही है, वही जब इस बारे में टीकाकरण करवाने आए बुजुर्ग नौजवान औरतों से बात की तो उन्होंने बताया कि हमने टीकाकरण जरूर करवाया है, लेकिन हमें किसी भी तरह की कोई भी पीसीएम टेबलेट नहीं दी गई।

एएनएम को नहीं दी जा रही टेबलेट

अपना नाम ना छापने की लेकर एएनएम ने आरोप लगाते हुए बताया कि हमें अस्पताल से कोई भी टेबलेट नहीं दी जा रही है, जब हम टेबलेट मागतें है तो गालियां खत्म होने का कहकर उन्हें टाल दिया जाता है, वही वैक्सीन लेने आए लोगों से उन्हें दो चार होना पड़ता है। उन्होंने अपने फोन के व्हाटसप को ग्रुप दिखाते हुए कहा कि अकेले इस वार्ड में ही नहीं शहर के सभी वार्डों में ही गोलियों का टोटा पड़ा हुआ है, मगर जब शहर के नागरिक अस्पताल में टीकाकरण कर रही एएनएम से बात की तो उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल में टीकाकरण करवाने आए सभी को गालियों दी जा रही है।

पैरासिटामोल गोली की नहीं कमी: डॉ. भरत

जब इस बारे में नागरिक अस्पाल के डॉक्टर भरत से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि पैरासिटामोल गोली की कोई कमी नहीं है, लेकिन शहर के वार्डों की हकीकत कुछ और ही है। ऐसे में वैक्सीन लेने के बाद अगर रात को किसी भी व्यक्ति को बुखार आदि हो होता है तो वह कहां जाए। यहां आपको बता दें कि वैक्सीनेशन के बाद अकसर लोगों को बुखार होने की शिकायत होती है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेरासिटामोल की टेबलेट दी जाती है। लेकिन अब शहर के वार्डों में पेरासिटामोल टेबलेट का टोटा पड़ा हुआ है।

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