निजी स्कूलों के अध्यापकों ने ऑनलाइन प्रशिक्षण में नहीं दिखाई दिलचस्पी

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शिक्षा विभाग ने स्कूलों से मांगा अध्यापकों का रिकॉर्ड

सच कहूँ/सुनील वर्मा, सरसा। शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों में तैनात अध्यापकों को भी पढ़ाने के तौर तरीके बताने के लिए आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। जिले के निजी स्कूलों में तैनात कई अध्यापकों ने आनलाइन प्रशिक्षण लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। शिक्षा विभाग द्वारा प्रशिक्षण नहीं लेने वाले निजी स्कूलों के अध्यापकों का रिकार्ड मांगा गया है। जिससे निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा सके। जिले के निजी स्कूलों में 5714 अध्यापक तैनात है। जिनमें नौवीं से बारहवीं कक्षा में 1535 अध्यापक रखे हुए है। जिनका निजी स्कूलों ने एमआइएस पोर्टल यानि मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम पर ब्यौरा दिया हुआ है।

प्रशिक्षण लेना था जरूरी

कोविड 19 को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा 20 अगस्त से 30 अगस्त तक आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। विभाग द्वारा निष्ठा के तहत दीक्षा एप पर आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। यह सरकारी व निजी स्कूलों में तैनात नौवीं से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले अध्यापकों के लिए जरूरी था। प्रशिक्षण लेने वाले अध्यापकों को सर्टीफिकेट भी जारी किया जाना था। मगर निजी स्कूलों में तैनात कई अध्यापकों ने प्रशिक्षण लेना जरूरी ही नहीं समझा। इस पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लेना शुरू कर दिया है। विभाग ने स्कूलों से प्रशिक्षण नहीं लेने वाले अध्यापकों की सूची मांगी है।

‘‘निष्ठा के तहत निजी स्कूलों में तैनात अध्यापकों को भी प्रशिक्षण लेना जरूरी था। इसके लिए सभी सरकारी व निजी स्कूलों को निर्देश जारी किए थे। प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र भी जारी किया जाना था। मगर कई निजी स्कूलों के अध्यापकों ने प्रशिक्षण नहीं लिया। जिसको लेकर सभी स्कूलों से जिन अध्यापकों ने प्रशिक्षण नहीं लिया है। उसकी रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद स्कूलों को नोटिस जारी किया जाएगा।

संतकुमार बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी, सरसा।

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