पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश से मिलता है निष्काम कर्म करने का संदेश: कुलपति

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कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश पवित्र ग्रंथ गीता में है, जो मनुष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जिसे हर मनुष्य को जानना बहुत जरूरी है। श्रीमद्भगवद्गीता वर्तमान में धर्म से ज्यादा जीवन के प्रति अपने दार्शनिक दृष्टिकोण को लेकर भारत में ही नहीं विदेशों में भी लोगों का ध्यान अपनी और आकर्षित कर रही है। निष्काम कर्म का गीता का संदेश विश्व के सभी गीता प्रेमियों को भी लुभा रहा है। पवित्र ग्रंथ गीता विश्व के सभी धर्मों की सबसे प्रसिद्ध पुस्तकों में शामिल है।

देर सायं केयूके के वाइस चांसलर प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, केडीबी सीईओ पंकज सेतिया, जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर ब्रह्मसरोवर की आरती और पूजा-अर्चना की तथा दीपशिखा प्रज्जवलित कर विधिवत रूप से आरती का शुभारम्भ भी किया। इस आरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल व रुद्र ने किया। सांस्कृतिक संध्या के मंच का संचालन डॉ. अशोक शर्मा ने किया। इस मौके पर केडीबी सदस्य विजय नरुला, कैप्टन अमरजीत सिंह, अशोक रोशा, डॉ. ऋषिपाल मथाना, सौरभ चौधरी, सैनी समाज सभा के प्रधान गुरनाम सैनी, हरमेश सिंह सैनी, सुशील राणा, डॉ. अलकेश मोदगिल, राजेश शांडिल्य, डॉ. संदीप छाबड़ा, जिओ गीता से राजेंद्र चौपड़ा, यूथ ब्लड डोनेशन सोसायटी विनोद पाल, हुकुम सिंह, जीत राम उपस्थित थे।

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