‘गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल में वेंटिलेटर न होना दुर्भाग्यपूर्ण’

Published On

निजी अस्पताल कर रहे लोगों को परेशान (Government Hospital)

  • अधिकारियों के ढीले रवैये पर सीएम से कार्रवाई की मांग

सच कहूँ/संजय मेहरा गुरुग्राम। केंद्रीय योजना एवं सांख्यिकी मंत्री राव इंद्रजीत ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 के दौर में शहर के सरकारी अस्पताल (Government Hospital) में वेंटिलेटर तक उपलब्ध नहीं है। यह हमारे लिए दुर्भाग्य है। शहर में निजी अस्पताल लोगों को परेशान कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी अस्पताल के पुनर्निर्माण का काम जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए। चंडीगढ़ में बैठे अधिकारी लैंड ट्रांसफर करने में ही करीब एक वर्ष से अधिक का समय ले रहे हैं।

यह बात उन्होंने मंगलवार को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा ली गई जीएमडीए की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़कर यह बात कही। उन्होंने गुरुग्राम शहर की विकास योजनाओं को लेकर अधिकारियों के ढीले रवैये पर आपत्ति जताई। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवेलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) की बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष कहा कि विकास की योजनाओं में चंडीगढ़ में बैठे अधिकारी ढुलमुल रवैया अपना रहे हैं। जीएमडीए की बैठक में जो मामले करीब एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट जीरो है।

उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से कहा कि शहर की विकास योजनाओं पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही समय सीमा भी तय की जाए, ताकि योजनाओं को समय रहते पूरा किया जा सके। राव इंद्रजीत की मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जीएमडीए के सीईओ को इस बारे में रिपोर्ट देने व योजनाओं में लंबित होने का कारण बताने को कहने के साथ ही यह भी आदेश दिए कि कहां से और किस अधिकारी से देरी हुई, इस बात की भी सूचना उन्हें दी जाए।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts