बूंदाबांदी से गेहूं, सरसों व चना की फसलों को मिला फायदा

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मौसम में आया बदलाव, शाम के समय छा गया अंधेरा

सरसा (सच कहूँ न्यूज)। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने व पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से रविवार को मौसम बदल गया। आसमान में सुबह से ही बादल छाने लगे हैं। इसके बाद सुबह दोपहर 12 बजे के बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसी के साथ दिनभर ठंड का असर रहा है। शाम के समय घटा छा गई। इससे साढ़े चार बजे अंधेरा छा गया। जिससे वाहनों चालकों को लाइट का प्रयोग दिन भी करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 28 दिसंबर तक बूंदाबांदी व बारिश की संभावना है। वहीं 29 दिसंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। आसमान में बादल छाने से न्यूनतम तापमान में रविवार को बढ़ोतरी हुई। इससे दिन के समय ठंड का असर कम रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री रहा। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री रहा।

फसलों को मिला फायदा

रविवार को तड़के से ही धुंध छा गई। इससे दृश्यता घट गई। धुंध छाने से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जिससे वाहन सड़कों पर रेंगते हुए नजर आए। धुंध व बूंदाबांदी होने से गेहूं, सरसों, चना की फसलों को काफी फायदा मिलेगा। बूंदाबांदी व धुंध से फसलों का फुटाव व बढ़वार तेजी से होगी। इससे फसलों का उत्पादन अच्छा होगा। इस समय फसलों में सिंचाई की जरूरत हैं। नहरों व माइनरों में बाराबंदी से पानी मिल रहा है। इससे किसानों को सिंचाई करने में काफी दिक्कतें आ रही थी। जिले में गेहूं की तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र, सरसों की 60 हजार हेक्टेयर व चना की 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिजाई हुई है।

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