Haryana Roadways: रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम से हिसार-हांसी में बस सेवाएं ठप, यात्री परेशान
मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल शुरू, हिसार में 56वें दिन भी जारी रहा धरना
हिसार/हांसी (सच कहूँ/मुकेश)। Haryana Roadways Employees' Strike: लंबित वित्तीय लाभों और 15 सूत्रीय मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने शुक्रवार से दो दिवसीय चक्का जाम शुरू कर दिया। सांझा संघर्ष समिति के आह्वान पर हिसार डिपो में पिछले 56 दिनों से चल रहे धरने के समर्थन में बसों का संचालन ठप कर दिया गया। इससे हिसार और हांसी डिपो की बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हिसार डिपो में कर्मचारियों ने कार्यशाला के बाहर धरना देकर रोडवेज महाप्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी की।
चक्का जाम के कारण कई लोकल और लंबी दूरी के रूटों पर बसों के फेरे रद्द रहे। हालांकि अन्य जिलों से आने वाली बसों के जरिए कुछ हद तक व्यवस्था संभाली गई, लेकिन उनमें सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रही। हड़ताल टालने के लिए गुरुवार रात प्रशासन और कर्मचारियों के बीच करीब तीन दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार चक्का जाम शुरू कर दिया।
हिसार के समर्थन में डिपो में खड़ी रही हांसी डिपो की बसें
हांसी डिपो में भी कर्मचारियों ने हिसार के समर्थन में एक भी बस रूट पर नहीं भेजी। डिपो की करीब 75 बसें पूरे दिन परिसर में खड़ी रहीं, जिससे यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। सांझा संघर्ष समिति के सदस्य मनजीत कुमार ने बताया कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर 15 दिन का समय दिया था, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के एलटीसी बिल, मेडिकल बिल समेत अन्य वित्तीय लाभ अब भी लंबित हैं। सांझा संघर्ष समिति के सदस्य सोनू मोर ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
2023 के लंबित एलटीसी बिलों का भुगतान।
मेडिकल बिल और अन्य वित्तीय लाभ जारी किए जाएं।
लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान।
कर्मचारियों की 15 सूत्रीय मांगों का समाधान।
मूलभूत सुविधाएं, जिनमें पेयजल की व्यवस्था भी शामिल।