मृत्यु भोज-ओढावनी प्रथा का बहिष्कार, गोशाला में गायों के लिए खल और गुड़ का दान

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हनुमानगढ़। समाज के रीति-रिवाज जो समय के साथ कुरीतियों का रूप ले चुके हैं उन्हीं कुरीतियों को मिटाने की कोशिश समाज की ओर से की जा रही है। इसी प्रकार की कोशिश ग्राम ढिगारला जिला चूरू के बेनीवाल परिवार की ओर से की गई है। किसान छात्रावास नोहर के संस्थापक-संचालक रहे लालचंद बेनीवाल की पत्नी चंद्रावली के निधन पर उनके पुत्रों दलीप, महावीर, सुभाष और सुरेंद्र बेनीवाल की ओर से मृत्यु भोज और ओढावनी प्रथा का बहिष्कार करते हुए काज पर खर्च होने वाले पैसों से गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था करवाने की सामाजिक सोच विकसित करने का प्रयास किया गया है। Hanumangarh News

इस परिवार ने श्री कृष्ण गोशाला ढिगारला में गोवंश के लिए एक लाख एक हजार रुपए की खल और गुड़ का दान किया है। ये पुनीत कार्य सर्वसमाज को प्रेरणा देने वाला है। साथ ही महंगाई के इस युग में गरीब आदमी को कर्जदार बनाने वाली कुरीति त्यागने का मार्ग बन सकता है। परिवार के सबसे छोटे बेटे आम आदमी पार्टी हनुमानगढ़ के निवर्तमान जिलाध्यक्ष और आर्य समाज हनुमानगढ़ टाउन के प्रधान सुरेंद्र बेनीवाल ने गोशाला संचालक महंत बलवान गिरी को खल और गुड़ से भरे थैले और कार्टून सुपुर्द किए। इस मौके पर गांव के मुकेश शर्मा, बेनीवाल परिवार के मंगतूराम बेनीवाल, मनीराम बेनीवाल, फतेह सिंह बेनीवाल, लूनाराम बेनीवाल, कालूराम राम पंजवाना सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे। Hanumangarh News

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