कांचा गाचीबावली के जंगल को संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग

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केन्द्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री को प्रेषित किया ज्ञापन

हनुमानगढ़। द इगल फाउंडेशन ने कांचा गाचीबावली के जंगल को संरक्षित क्षेत्र घोषित कर इसमें लगे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की है। बुधवार को फाउंडेशन सदस्यों ने मांग के संबंध में केन्द्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। Hanumangarh News

द इगल फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी के अनुसार तेलंगाना में 400 एकड़ में कांचा गाचीबावली का जंगल फैला हुआ है जो हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पास स्थित है। सरकार इस जगह को आईटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए इस्तेमाल करना चाहती है। इसके लिए जंगल में लगे पेड़ों की कटाई की जा रही है। इससे पर्यावरण का बहुत नुकसान होगा और जीव-जंतुओं के रहने, आवास नष्ट हो जाएंगे। इसका परिणाम यह होगा कि पर्यावरण संतुलन बिगड़ जाएगा। प्रशांत सोनी ने कहा कि यह जंगल हैदराबाद के लिए एक फेफड़े के रूप में काम करता है और इसमें करीब 450 की संख्या में वन्य प्रजातियों का बसेरा भी है।

फाउंडेशन सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि कांचा गाचीबावली के जंगल को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए और इसमें लगे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाकर इसे पुन: हरा-भरा किया जाए ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे और वन्य जीव बेघर न हों। इस मौके पर मोहित राठौड़, अश्फाक, अर्जुन, करण, राजेन्द्र सिंह, विकास, रानी, रजत, पूजा, साहिल सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे। Hanumangarh News

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