श्रेष्ठ योजना: सीबीएसई स्कूलों में मुफ्त पढ़ेंगी अनुसूचित जाति वर्ग की प्रतिभाएं

Published On

9 वीं व 11 वीं में मिलेगा दाखिला

जयपुर (सच कहूँ न्यूज)। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को एक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर पढ़ाई में विशेष फायदा मिलेगा। दरअसल श्रेष्ठ योजना (Shrestha Yojana) के तहत पेपर पास करने के बाद विद्यार्थियों को देशभर के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता व ख्याति प्राप्त चुनिंदा निजी विद्यालयों में पढ़ाई और आवास जैसी सुविधाएं नि:शुल्क मुहैया करवाई जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए लक्षित क्षेत्रों के निजी विद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया 3 मई से शुरू कर दी है।

इस प्रक्रिया की ओर से राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा से शैक्षणिक सत्र 2023-24 में आवासीय शिक्षा के तहत 9 वीं व 11 वीं कक्षा के लिए विद्यार्थियों को चुना जाएगा। एस परीक्षा का आयोजन एनटीए के माध्यम से किया जाना है।

2.5 लाख से कम हो सालाना आय | (Shrestha Yojana)

परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी का मौजूदा सत्र में कक्षा-8 व कक्षा-10 का विद्यार्थी होना आवश्यक है, जबकि योजना के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के अभिभावकों की सालाना आय 2.5 लाख से कम होनी चाहिए। आवेदन करने के लिए विद्यार्थी के पास खुद की पासपोर्ट साइज फोटो,जाति प्रमाण पत्र तथा आय प्रमाण पत्र का होना जरूरी है।

3000 सीटों पर होने हैं दाखिले

इस योजना के तहत देशभर में करीबन 3000 सीटों पर प्रवेश किए जाने हैं। (Shrestha Yojana) जिसके लिए शिक्षा से जुड़े तकरीबन सभी खर्चे सरकार की ओर से वहन किए जाएंगे। इस योजना के तहत 9 वीं-11 वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए निर्धारित सीटें पूरी तरह केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संचालित स्कूलों में ही हैं।

  • आवेदन की अंतिम तिथि- 24 मई, शाम 5 बजे तक
  •  प्रवेश पत्र जारी होने की तिथि- 14 जून
  • परीक्षा तिथि- 18 जून
  • परीक्षा का समय-दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक
  • निर्धारित कुल अंक- 400

Bhupesh Sharma

एनइटीएस-2023 के लिए इच्छुक विद्यार्थी २ँ१ी२ँ३ं.ल्ल३ं. ल्ल्रू.्रल्ल पर 24 मई तक नि:शुल्क आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा में गणित, विज्ञान, सामाजिक व सामान्य ज्ञान से जुड़े कुल 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा 14 जून को अंग्रेजी और हिंदी माध्यम में होगी।
                                                          – भूपेश शर्मा, जिला समन्वयक, विद्यार्थी सहायता केंद्र,श्रीगंगानगर

 

About The Author

Related Posts