थ्रेसर की बर्बरता : 20 सेकेंड में बुजुर्ग के बेशुमार टुकड़े

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भयावह हादसा, थ्रेसर में पिस गया बुजुर्ग

बहरोड़ (अलवर)। गेहूं की फसल निकालते समय थ्रेसर में आने से 20 सेकेंड में बुजुर्ग के टुकड़े-टुकड़े हो गए। हादसा इतना भयावह था कि बुजुर्ग के सिर से लेकर घुटनों तक का हिस्सा मशीन में पिस गया और मौके पर ही मौत हो गई। घटना बुधवार रात अलवर जिले के बहरोड कस्बे के मांढण इलाके में हुई। आनंदपुर गांव में बुधवार रात किसान माडूराम यादव (60) ने गेहूं निकालने के लिए किराए पर गांव के अजीत यादव का थ्रेसर बुलाया गया था। रात 11 बजे थ्रेसर से गेहूं निकाले जा रहे थे। थ्रेसर मशीन के साथ आया ट्रैक्टर ड्राइवर सोने चला गया था। ऐसे में किसान माडूराम खुद थ्रेसर पर चढ़ा और पुलियां मशीन में लगाने लगा। इस दौरान उसका हाथ मशीन के अंदर चला गया।

चिल्लाता रह गया परिवार

परिवार के लोग बचाने की कोशिश करते इससे पहले ही मशीन ने माडूराम को अंदर खींच लिया। थ्रेसर के रोलर से माडूराम के सिर से लेकर घुटनों तक के शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। सिर, दोनों हाथ, धड़ और घुटनों तक का हिस्सा लोहे के रोलर में पिस गया। उसकी आंतें रोलर से लिपट गईं। हादसा इतना जल्दी हुआ कि मशीन से बाहर लटके पंजों में माडूराम की चप्पल भी नहीं निकली थीं। माडूराम के बेटे उदयभान ने बताया कि उसके पिता थ्रेसर में खुद पुलियां डाल रहे थे। साथ में परिवार के 5 अन्य लोग भी थे। थ्रेसर में पिता माडूराम ने एक पूली को जोर से धक्का दिया था। इस दौरान उनका हाथ फंस गया और थ्रेसर से जोर की आवाज आई। पिता को थ्रेसर मशीन में जाता देख सभी परिवारजन चिल्लाए और तुरंत मशीन बंद की। इतनी देर में सिर्फ पिता के पंजे बाहर बचे थे।

रातभर थ्रेसर में ही फंसी रही बॉडी

मांढण थानाधिकारी भगवान सहाय शर्मा ने बताया कि हादसे की सूचना मृतक किसान के बेटे उदयभान ने दी। रात में अंधेरा होने के कारण मशीन के अंदर फंसे हुए शरीर के टुकड़ों का निकालना मुश्किल था। इसलिए बॉडी को ट्रैक्टर-थ्रेसर समेत मांढण के सीएसची (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) ले गए। जहां गुरुवार सुबह शव को निकाला गया। पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मांढण सीएचसी पहुंच गए।

थ्रेसर में आने से कटा हाथ

बहरोड़ थाना इलाके के गुर्जरवास गांव में भी थ्रेसर से एक और हादसा हो गया। गुरुवार सुबह 8 बजे थ्रेसर से गेहूं निकालते समय पूरणमल (40) का का हाथ थ्रेसर की गिरारी (रिंग) में फंस गया। जिससे उसका हाथ कट गया।
गुर्जरवास के रहने वाले पूरणमल का भी थ्रेसर में आने से हाथ कट गया। चिल्लाने पर लोगों ने थ्रेसर का बैक गियर लगाया। जिससे वह बच गया।

सुबह का वक्त था और थ्रेसर में हाथ जाते ही पूरणमल जोर से चिल्लाया। इससे तुरंत मशीन रोकी गई और गिरारी को उल्टा घुमाकर हाथ निकाल लिया गया। पूरणमल का हाथ कलई और कोहनी के बीच से 70 फीसदी तक कट गया। लहूलूहान हालात में उसे लेकर बहरोड़ के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से डॉ. आदर्श अग्रवाल ने प्राथमिक उपचार करने के बाद गंभीर हालात में जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि घायल के हाथ की प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी।

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