Kairana: प्रथम पश्चिमांचल सांस्कृतिक महोत्सव में उमड़ा भारी जनसैलाब

प्रथम पश्चिमांचल सांस्कृतिक महोत्सव में उमड़ा भारी जनसैलाब

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कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: पश्चिमांचल विकास परिषद द्वारा पश्चिमी उत्तर-प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली इतिहास, लोकपरंपराओं, कला, स्थानीय उत्पादों और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित प्रथम पश्चिमांचल सांस्कृतिक महोत्सव-2026 भव्यता के साथ में संपन्न हुआ। महोत्सव में पश्चिमांचल की मिट्टी, बोली, लोकगीत, लोक कला, परंपराओं, इतिहास और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिली।

महोत्सव में प्रोफेसर, अध्यापक, आईआईटियन, चिकित्सक, विधिक क्षेत्र से जुड़े लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, कलाकार, पत्रकार, विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख एवं प्रतिनिधि तथा पश्चिमांचल विकास परिषद के कार्यकर्ताओं समेत करीब 500 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकियू सुप्रीमों चौधरी नरेश टिकैत ने की, जबकि पद्मश्री सेठपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रमन कांत, डॉ. अभिनव तोमर, ठाकुर पूरण सिंह, मैनपाल चौहान भाकियू सहित अनेक गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। इसके अलावा मोहित, अकमल, श्रेष्ठ सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

शहीदों की गैलरी बनी आकर्षण का केंद्र

महोत्सव में लगाई गई पश्चिमांचल के शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम की विशेष गैलरी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। गैलरी के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, यहां के वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं के संघर्ष और बलिदान की गाथा को प्रदर्शित किया गया। गैलरी में पश्चिमांचल के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। महोत्सव में पश्चिमांचल के लोकगीत, लोककला और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। रागिनी, सांग/स्वांग, डेरू तथा अन्य लोक प्रस्तुतियों के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत किया गया।

स्थानीय उत्पादों को मिला मंच

कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की विशेष स्टॉल लगाई गईं। इनमें सिरका, शहद, मिट्टी के बर्तन, बाँस के मूढ़े सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए। स्थानीय उत्पादों की स्टॉल पर लोगों ने काफी रुचि दिखाई। आयोजकों का कहना है कि पश्चिमांचल के गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों और उनसे जुड़े कारीगरों एवं उत्पादकों को पहचान दिलाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लगभग 50 लोगों को सम्मानित किया गया। इनमें कला, खेल, लोकगीत एवं लोकसंस्कृति, संस्कृति संरक्षण, पत्रकारिता, इंफ्लुएंसर, हस्तकला तथा अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोग शामिल रहे।

पश्चिमांचल की संस्कृति, पहचान और उससे जुड़े विषयों को समाज के सामने रखना उद्देश्य: नितिन स्वामी

पश्चिमांचल विकास परिषद के अध्यक्ष नितिन स्वामी पश्चिमांचली ने कहा कि परिषद का उद्देश्य पश्चिमांचल की संस्कृति, पहचान और उससे जुड़े विषयों को समाज के सामने मजबूती से रखना है। उन्होंने कहा कि परिषद के एक वर्ष के सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रयासों के दौरान यह अनुभव हुआ कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रतिभा, परंपरा और इतिहास की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें एक मंच पर लाने की है। उन्होंने कहा कि प्रथम पश्चिमांचल सांस्कृतिक महोत्सव इसी सोच का परिणाम है। मिट्टी, बोली, लोकगीत, लोककला, परंपराएं, इतिहास और स्थानीय उत्पाद—ये सभी पश्चिमांचल की पहचान का हिस्सा है।

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