मरकर भी इन्सानियत के काम आई ‘खेमी बाई इन्सां’

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बेटी ने दिया माँ की अर्थी को कंधा

केसरीसिंहपुर (सच कहूँ/बाबूलाल)। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी न केवल जीते जी बल्कि इस जहां से जाने के बाद भी मानवता के काम आते हैं। इसी क्रम में ब्लॉक केसरीसिंहपुर निवासी खेमी बाई इन्सां के मरणोपरांत उनका शरीरदान किया गया। बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत दिवंगत खेमी बाई इन्सां की बेटी ज्योति इन्सां ने खुद अपनी माता को कंधा दिया। साथ की दोहते जतिन इन्सां ने भी अहम भूमिका निभाते हुए नानी को कंधा दिया। परिवार ने बताया कि खेमी इन्सां अपनी स्वांसों रूपी पूंजी पूर्ण कर मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजी थी।

बहन खेमी बाई इन्सां की अंतिम इच्छानुसार परिजनों ने उनकी पार्थिव देह राज मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट गाजियाबाद को दान की। इस मौके पर परिजनों, रिश्तेदारों और साध-संगत ने सचखंडवासी बहन खेमी बाई इन्सां को सिमरन कर श्रद्धांजलि दी। साध-संगत ने ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, खेमी बाई तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगाकर आसमां गुंजायमान कर दिया। तत्पश्चात पार्थिव देह को एंबुलेंस में संतोष मेडिकल प्रताप विहार, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के लिए रवाना किया गया।

इस मौके पर 45 मैंबर गुरदीप इन्सां, घणजातियां, 45 मेंबर बहन किरण इन्सां, ब्लाक भंगीदास केवल इन्सां, 7 मैंबर बाबूलाल इन्सां, दर्शन इन्सां, केवल इन्सां, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फैयर फोर्स विंग के सेवादार योगेश इन्सां, जगतार इन्सां, राजेंद्र इन्सां, सुखप्रीत इन्सां, बिंदर इन्सां, हैप्पी इन्सां, तरुण इन्सां, प्रभद्याल इन्सां, अतुल इन्सां, बलराज इन्सां, महेंद्र इन्सां, ईश्वर इन्सां, रामपाल इन्सां, रामचंद्र इन्सां, इकबाल इन्सां, सुजान बहने सरोज इन्सां, निर्मला इन्सां, सुनीता इन्सां, कृष्णा इन्सां, भारती इन्सां, भाविका इन्सां रिश्तेदार साध-संगत आदि मौजूद थे ।

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