विधवा महिला की बेटी की शादी में डेरा श्रद्धालुओं ने की मदद

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ब्लॉक-वन सी के सेवादारों ने घरेलू जरूरत का सामन देकर निभाया इंसानियत का फर्ज

श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा चलाई गए ‘आशीर्वाद’ मुहिम जरूरमतंद परिवार की बेटियों की शादी में मद्दगार साबित हो रही है। इसी कड़ी में ब्लॉक-वन सी के सेवादारों ने भी लड़की की शादी में आर्थिक सहयोग कर इंसानियत का परिचय दिया है। जानकारी के अनुसार गांव मोहनपुरा निवासी विधवा कुलविंदर कौर अपनी 6 बेटियों के साथ आर्थिक तंगी के बीच अपना गुजर-बसर कर रही है।

कुलविंदर कौर ने अपनी तीसरी बेटी रमनदीप कौर की शादी तय की हुई थी लेकिन आर्थिक हालात खराब होने के कारण शादी की चिंता सता रही थी। इस बारे में जब ब्लॉक के जिम्मेवारों को बता चला तो उन्होंने तुरंत साध-संगत के सहयोग से शादी में मद्द करने का फैसला लिया और उक्त परिवार को बैंड, कुर्सी, अलमारी, कपड़े, जरूरत का समान भेंट किया। जिस पर कुल खर्च 32,000 हुआ। वहीं डेरा श्रद्धालुओं द्वारा की मद्द को पाकर जहां मां की आंखों से खुशी के आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे, वहीं समाज के गणमान्य लोग भी डेरा श्रद्धालुओं द्वारा किए गए इस मानवता भलाई कार्य की सराहना की। इस सेवा कार्य में बलकरन सिंह, जमपाल सिंह, सुखवीर, सुखचैन, राजू, जसवीर सिंह, बहन सिमरन, कमलप्रीत आदि सेवादारों ने सहयोग किया।

मां बोली, फरिश्ता बनकर आए डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु

विधवा कुलविंदर कौर ने कहा कि डेरा श्रद्धालुओं ने बेटी की शादी की चिंता दूर करके इंसानियत का परिचय दिया है। मुसीबत की घड़ी में जब अपनों ने साथ छोड़ दिया तब डेरा श्रद्धालु फरिश्ता बनकर पहुंचे और मेरी बेटी को अपनी बेटी बनाकर कन्यादान के रूप में अपना ‘आशीर्वाद’ दिया। मैं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का भी आभार जताती हूूँ जो इस कलयुग में डेरा अनुयायियों को मानवता की शिक्षा देकर गरीबों का दु:ख दूर कर रहे हैं।

आशीर्वाद’ से दूर हुई मां-बाप की चिंता, बेटी के हाथों पर सजी मेहंदी

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