एक इंसान को दूसरे से जोड़ता है रक्तदान : शीशपाल इन्सां
हिमाचल प्रदेश के 45 मैंबर शीशपाल इन्सां ने 43वीं बार किया रक्तदान
शिमला। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए हिमाचल प्रदेश के 45 मैंबर शीशपाल इन्सां ने 43वीं बार रक्तदान किया। सच कहूँ से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से बहुत खुशी मिलती है। रक्तदान से शरीर स्वस्थ रहता है और नया ब्लड बनता है। यह सब पूज्य गुरु जी के पावन वचनों से ही संभव हुआ है,वरना आज के दौर में तो लोग रक्तदान करने से डरते है। उन्होंने कहा कि रक्त न सिर्फ एक इंसान को नया जीवन प्रदान करता है, बल्कि हर जाति, संप्रदाय के लोगों को आपस में जोड़ता है। उन्होंने रक्तदान जैसा पुण्य कार्य नियमित अंतराल पर करने की अपील की। आपको बता दें कि डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत 147 मानवता भलाई के कार्य कर रही है।
क्यों करें रक्तदान
हम रक्तदान करके किसी जरूरतमंद को जीवन दान दे सकते हैं। एक यूनिट रक्त दान कर चार जिंदगियां बचा सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार रक्तदान के बहुत फायदे हैं। रक्तदान करने से शरीर में नया रक्त बनता है तथा खून का संचार भी तेज होता है। जिससे हृदय स्वस्थ रहता है। रक्तदान रूपी महादान का मौका आप सभी के पास है।
आइयें, जानते हैं रक्तदान के फायदे:
- रक्तदान से हार्ट अटैक की संभावना कम होती है। क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा टल जाता है।
- डेढ़ पाव रक्तदान करने से आपके शरीर से 650 कैलोरीज कम होती है।
- आयरन की मात्रा को बैलेंस करने से लिवर हैल्थी बनता है और कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
- रक्तदान से शरीर में एनर्जी आती है। क्योंकि रक्तदान के बाद नया ब्लड सेल्स बनते हैं, जिससे शरीर में तंदरूस्ती आती है।
- रक्तदान करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए हर साल कम से कम 2 बार रक्तदान करना चाहिए।
रक्त कौन दे सकता है?
ऐसा प्रत्येक पुरूष अथवा महिला:-
- जिसकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच हो।
- जिसका वजन (100 पौंड) 48 किलों से अधिक हो।
- जो क्षय रोग, रतिरोग, पीलिया, मलेरिया, मधुमेंह, एड्स आदि बीमारियों से पीड़ित नहीं हो।
- जिसने पिछले तीन माह से रक्तदान नहीं किया हो।
कितना रक्त लिया जाता है?
- प्रतिदिन हमारे शरीर में पुराने रक्त का क्षय होता रहता है ओर प्रतिदिन नया रक्त बनता रहता है।
- एकबार में 350 मिलीलीटर यानि डेढ़ पाव रक्त ही लिया जाता है (कुल रक्त का 20वां भाग)
- शरीर 24 घंटों में दिए गए रक्त के तरल भाग की पूर्ति कर लेता है।
- ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर में रक्त 4-5 सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
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