सुपर स्टूडेंट नीरज इन्सां ने किया रक्तदान
मोगा। रक्तदान जिंदगी से जूझ रहे लोगों को नया जीवन प्रदान करता हैं। इसलिए रक्तदान को महानदान व जीवनदान कहा गया है। रक्तदान के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने व रक्त की जरूरत पड़ने पर उसके लिए पैसे देने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। भारत में रक्तदान को लेकर अभी तक पूरी तरह से जागरूकता आना बाकी है। अधिकांश लोगों में अब भी यह भ्रांति फैली हुई हैं कि रक्तदान करने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है, जो कि बिलकुल गलत है। रक्तदान करने से रक्त बढ़ता है और शरीर में नये रक्त का संचार होता है। रक्तदान करने के बाद तकरीबन 21 दिनों के भीतर ही शरीर पुन: रक्त निर्माण कर लेता है। इसलिए किसी भी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करने से कतई कतराने की आवश्यकता महसूस नहीं होनी चाहिए। वहीं डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु हर वक्त रक्तदान करने के लिए तैयार रहते हैं। इसी क्रम में ब्लॉक निहालसिंहवाला जिला मोगा निवासी नीरज इन्सां (सुपर स्टूडेंट) ने 20वीं बार रक्तदान किया।