सत्संग सुनकर अमल भी करो

Published On

सरसा। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि सत्संग में हर जीव को अनमोल खजाना मिलता है। सत्संग में आना बहुत बड़ी बात है, लेकिन सुनकर अमल कमाना यह असली बात है। जब जीव वचनों को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देगा व अमल नहीं करेगा, तब तक उस पर मालिक की रहमत नहीं होगी। आप जी फरमाते हैं यकीन के लायक तो केवल वह मालिक रह गया है, बाकि किसी का पता नहीं कि कब चलता-चलता पैसा खोटा हो जाए।

लेकिन अगर इन्सान सुमिरन करे व दृढ़ यकीन रखे तो वह दोनों जहान में ओड़ निभा सकता है और खुशियों से मालामाल हो सकता है। लेकिन आज का इन्सान अमल को छोड़कर बाकि सभी कार्य करने के लिए तैयार है। आज का इन्सान कर्म खुद बुरे करता है, जन्मों-जन्मों तक उस मालिक को याद नहीं करता और खुशियां उसको मालिक छप्पर फाड़ कर दे जाए, वह ऐसा चाहता है। लेकिन यह कैसे संभव है? जैसे कर्म करोगे वैसा भरना जरुर पड़ेगा, इसमें समय जरुर लग जाता है। इसलिए कभी भी बुरे कर्म न करो, अच्छे-नेक कर्म करो, मालिक से मालिक को मांगो कि आप उसकी कृपा दृष्टि के काबिल बनें और वह आपको दोनों जहानों की खुशियों से मालामाल कर दे।

 

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts