शिक्षा और रोजगार
ED Raid: टीडीआई के कार्यालय पर ईडी का छापा
पीआर-6 रोड के लिए जमीन के मुआवजे में कथित अनियमितताओं की जांच, 15 सदस्यीय टीम ने देर रात तक खंगाले रिकॉर्ड
मोहाली (सच कहूँ/एम.के. शायना)। Mohali News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गमाडा कार्यालय में की गई कार्रवाई के बाद मोहाली की रियल एस्टेट कंपनी टीडीआई इंफ्राटेक लिमिटेड के सेक्टर-119 स्थित कार्यालय पर छापामारी की गई। करीब 15 सदस्यीय ईडी टीम सोमवार सुबह लगभग 11 बजे कार्यालय पहुंची और देर रात तक रिकॉर्ड तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। टीम के साथ सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे। ईडी की यह कार्रवाई मोहाली की प्रस्तावित पीआर-6 रोड के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुआवजे में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में बताई जा रही है। पीआर-6 रोड लगभग 200 फुट चौड़ी सड़क है, जो एयरपोर्ट रोड पर स्थित सेक्टर-117 को बनूड़-लांडरां रोड से जोड़ने के लिए प्रस्तावित है।
जानकारी के मुताबिक, जांच का एक मुख्य पहलू यह है कि मास्टर प्लान के तहत आने वाली जमीन को चेंज आॅफ लैंड यूज (सीएलयू) मिलने के बाद कंपनी से जुड़े लोगों द्वारा कुछ जमीन अपने रिश्तेदारों के नाम पर स्थानांतरित की गई। आरोप है कि इस तरह जमीन के लिए किसानों के बराबर अधिक मुआवजा प्राप्त करने का प्रयास किया गया। मामले में कथित तौर पर करीब 6 करोड़ रुपये के अतिरिक्त मुआवजे का मुद्दा सामने आ रहा है। गमाडा द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर किए गए हलफनामे में भी इस जमीन से संबंधित आरोप दर्ज किए गए थे। गमाडा के अनुसार, 14 अक्टूबर 2020 को जमीन अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना जारी होने के बाद 6 एकड़ से अधिक जमीन स्थानांतरित की गई। प्राधिकरण का दावा था कि इसके कारण मुआवजा लगभग 14 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 21 करोड़ रुपये हो गया।
ईडी अधिकारियों द्वारा कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, कम्प्यूटरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की गई। अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिए गए, जिनमें से कुछ फोन प्रारंभिक जांच के बाद वापस कर दिए गए। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच के लिए ली गई बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान टीडीआई के वाइस प्रेसिडेंट रोहित गोगिया भी कार्यालय में मौजूद थे। वहीं ईडी द्वारा एक अन्य जमीन से संबंधित मामले की भी जांच की जा रही है। हालांकि, एजेंसी की ओर से इस छापे के बारे में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पीआर-6 प्रोजेक्ट पहले से विवादों में
बता दें कि पीआर-6 सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला पिछले कुछ वर्षों से विवादों में रहा है। टीडीआई की ओर से वर्ष 2022 में जमीन अधिग्रहण की नीति और मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया गया था। इस विवाद के कारण सड़क का काम भी प्रभावित हुआ है। ईडी की मौजूदा कार्रवाई को गमाडा से संबंधित पिछले दिनों हुई बड़ी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, टीडीआई के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में अंतिम तथ्य या कानूनी निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।