Haryana-Punjab Weather: हरियाणा-पंजाब में तेज आंधी के साथ बारिश, अब मानसून की विदाई लगभग तय
23 सितंबर तक शुष्क मौसम के आसार
Haryana-Punjab Weather: नई दिल्ली/हिसार (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। उत्तर भारत के कई हिस्सों में वीरवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलीं। इस दौरान तेज बारिश भी हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस घटना को थंडरस्क्वॉल यानी गरज वाले तूफान से पैदा हुई तेज सतही हवा के साथ बारिश बताया है। इस दौरान हरियाणा में जहाँ अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई, वहीं दिल्ली में तेज हवाओं के बावजूद बूंदाबांदी हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, गरज वाले बादलों के भीतर मौजूद ठंडी हवा जब तेजी से नीचे उतरकर सतह पर फैलती है, तो अचानक तेज झोंके पैदा होते हैं। इसी प्रक्रिया को थंडरस्क्वॉल कहा जाता है। इसमें किसी क्षेत्र में बारिश बहुत कम या बिल्कुल नहीं हो सकती है, लेकिन हवा की रफ्तार अचानक काफी बढ़ जाती है। दिल्ली के ऊपर और आसपास बने ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण तथा पश्चिमी विक्षोभ से जुड़े बादल इस गतिविधि के लिए अनुकूल रहे। गुरुवार अलसुबह 2 बजे के बाद बदले मौसम का असर दिन में भी देखने को मिला। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मध्यम से बादल दिखाई दिए। तूफानी बारिश के दौरान तेज हवाओं के कारण पेड़ व बिजली के खंभे भी उखाड़ गए। जिसकी वजह से हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में दोपहर बाद तक बिजली की सप्लाई बाधित रही।
पंजाब के मैदानी इलाकों में स्थानीय स्तर पर वर्षा की तीव्रता अलग-अलग रही। कहीं केवल तेज हवा और बादल दर्ज किए गए, तो कहीं गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम में इस बदलाव से दिन के तापमान में कुछ राहत मिली, लेकिन बारिश कम होने के कारण उमस का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। हरियाणा और चंडीगढ़ में भी सुबह के समय बादल और तेज हवाएं देखने को मिलीं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में तेज हवा के साथ होने वाली हल्की बारिश सामान्य रूप से खरीफ फसलों के लिए नुकसानदेह नहीं होती, लेकिन खेतों में खड़ी कमजोर फसल, सब्जियों और बागवानी पौधों पर तेज झोंकों का असर पड़ा है।
फिर बढ़ेगा दिन का तापमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अब 18 से 23 सितंबर के बीच बारिश की संभावना नहीं है। 18 से 20 सितंबर तक आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, जबकि 21 सितंबर के बाद आकाश साफ रहने का अनुमान है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से वातावरण में नमी धीरे-धीरे कम होगी। इससे दिन के समय गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन रात के तापमान में राहत मिलने की संभावना है।
राजस्थान से शुरू हो सकता है मानसून वापसी का दौर
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। मानसून की सामान्य वापसी की तारीख 17 सितंबर मानी जाती है, इसलिए इस वर्ष वापसी की शुरूआत सामान्य समय से लगभग दो दिन बाद होने की संभावना है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी समय उत्तर भारत से भी मानसून पूरी तरह लौट जाएगा। इस दौरान छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।