कल्पना चावला स्कूल में मनाया बैसाखी पर्व

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खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार) खांडा रोड स्थित कल्पना चावला विद्यापीठ में प्रातः कालीन सभा के दौरान बड़े ही उत्साह के साथ बैसाखी पर्व (Baisakhi Festival) मनाया गया। सभा का संचालन गणित अध्यापक मनित द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अनेक कविताएं, भाषण व नृत्य की प्रस्तुति की गई। छात्र लक्षित व लक्ष्य द्वारा भाषण, छात्रा भूमि द्वारा बहुत ही प्यारी कविता, तथा कक्षा चौथी से पांचवी व छठी से आठवीं की छात्राओं द्वारा द्वारा बैसाखी पर्व पर बहुत ही शानदार नृत्य की प्रस्तुति की गई। पंजाबी नृत्य ने तो विद्यालय के वातावरण को और भी आनंदित कर दिया था। जिनके माध्यम से सभी विद्यार्थियों को बताया गया कि बैसाखी का त्यौहार क्यों मनाया जाता है? बैसाखी पर्व फसल और नए साल का जश्न मनाने का त्यौहार है।

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विद्यालय प्राचार्या उषा वत्स ने सभी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा की तथा उन्हें ऐसे ही आगे वे कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को भीमराव अंबेडकर जयंती के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जन्म हुआ था जिसे अंबेडकर जयंती के तौर पर मनाया जाता है। (Kharkhoda) डॉक्टर भीमराव अंबेडकर एक राजनीतिक नेता, कानूनविद, मानवविज्ञानी, शिक्षक, अर्थशास्त्री थे। इस दिन का भारतीय इतिहास में बहुत बड़ा महत्व है, इसलिए इसे भारतीय लोगों द्वारा अम्बेडकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए देश भर में धूममधाम और हर्षों-उल्लास के साथ मनाया जाता है।

निदेशक धर्मराज खत्री ने भी सभी विद्यार्थियों विद्यार्थियों के प्रयासों को सराहा तथा शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेना जरूरी है ताकि बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़े रहे।

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