सराहनीय। डेरा श्रद्धालुओं ने थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों के लिए किया रक्तदान

Published On

अरनीवाला(सच कहूँ/राजिन्द्र)। पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए ब्लॉक अरनीवाला के सेवादारों द्वारा थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों के लिए 12 यूनिट रक्तदान किया। इस सबंधी जानकारी देते 15 मैंबर विजय कुमार इन्सां ने बताया कि ब्लॉक अरनीवाला के सेवादारों ने पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शुरू किए गए मानवता भलाई के 142 कार्यों की कड़ी को आगे बढ़ाते सिविल अस्पताल फाजिल्का के ब्लड बैंक में थैलेसीमिया के मरीजों के लिए सोनू इन्सां, गुरप्रीत इन्सां, रोशन लाल इन्सां 15 मैंबर, अंग्रेज सिंह इन्सां, बलकार सिंह इन्सां 15 मैंबर, रजिन्दर कुमार इन्सां, कृष्ण लाल इन्सां, सुरेन्द्र कुमार इन्सां, रमेश कुमार इन्सां ने रक्तदान किया। इस दौरान ब्लड बैंक के डॉ. रजनीश कुमार, डॉ. रंजू, डॉ. राज और ब्लड बैंक की टीम ने पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और सेवादारों का धन्यवाद किया।

क्यों करें रक्तदान

हम रक्तदान करके किसी जरूरतमंद को जीवन दान दे सकते हैं। एक यूनिट रक्त दान कर चार जिंदगियां बचा सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार रक्तदान के बहुत फायदे हैं। रक्तदान करने से शरीर में नया रक्त बनता है तथा खून का संचार भी तेज होता है। जिससे हृदय स्वस्थ रहता है। रक्तदान रूपी महादान का मौका आप सभी के पास है।

आइयें, जानते हैं रक्तदान के फायदे:

  • रक्तदान से हार्ट अटैक की संभावना कम होती है। क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा टल जाता है।
  • डेढ़ पाव रक्तदान करने से आपके शरीर से 650 कैलोरीज कम होती है।
  • आयरन की मात्रा को बैलेंस करने से लिवर हैल्थी बनता है और कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
  • रक्तदान से शरीर में एनर्जी आती है। क्योंकि रक्तदान के बाद नया ब्लड सेल्स बनते हैं, जिससे शरीर में तंदरूस्ती आती है।
  • रक्तदान करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए हर साल कम से कम 2 बार रक्तदान करना चाहिए।

रक्त कौन दे सकता है?

ऐसा प्रत्येक पुरूष अथवा महिला:-

  • जिसकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच हो।
  • जिसका वजन (100 पौंड) 48 किलों से अधिक हो।
  • जो क्षय रोग, रतिरोग, पीलिया, मलेरिया, मधुमेंह, एड्स आदि बीमारियों से पीड़ित नहीं हो।
  • जिसने पिछले तीन माह से रक्तदान नहीं किया हो।

कितना रक्त लिया जाता है?

  • प्रतिदिन हमारे शरीर में पुराने रक्त का क्षय होता रहता है ओर प्रतिदिन नया रक्त बनता रहता है।
  • एकबार में 350 मिलीलीटर यानि डेढ़ पाव रक्त ही लिया जाता है (कुल रक्त का 20वां भाग)
  • शरीर 24 घंटों में दिए गए रक्त के तरल भाग की पूर्ति कर लेता है।
  • ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर में रक्त 4-5 सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts