TDI Group: मानेसर लैंड स्कैम में टीडीआई ग्रुप पर ईडी की छापेमारी, लग्जरी कारें जब्त

तीन दिन चली कार्रवाई में सर्वर और जमीन से जुड़े दस्तावेज जब्त

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गुरुग्राम (सच कहूँ/संजय कुमार मेहरा)। Gurugram News: मानेसर लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टीडीआई ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की चंडीगढ़ जोन-1 टीम ने 28 सितंबर को टीडीआई ग्रुप के चेयरपर्सन एवं कई कंपनियों के प्रबंध निदेशक रविंदर तनेजा से जुड़े दिल्ली और एसएएस नगर स्थित व्यावसायिक एवं आवासीय परिसरों पर तलाशी शुरू की। कार्रवाई तीन दिन चली। ईडी के अनुसार, इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और लग्जरी वाहन जब्त किए गए। 

ईडी ने यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही जांच के सिलसिले में की है। एजेंसी के मुताबिक यह जांच सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर से जुड़ी है। जांच में वर्ष 2005 से 2007 के दौरान मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े लेनदेन को खंगाला जा रहा है। ईडी के अनुसार, वर्ष 2007 में इन तीनों गांवों में 400 एकड़ से अधिक राज्य-अधिसूचित जमीन अधिग्रहण के लिए निर्धारित की गई थी। एजेंसी की जांच के मुताबिक, अधिग्रहण के डर के बीच निजी बिल्डरों और बिचौलियों ने किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदी। बाद में अधिग्रहण की प्रक्रिया समाप्त हो गई और अवार्ड ड्रॉप कर दिया गया। इसके बाद जमीन को ऊंची कीमत पर बेचने से संबंधित पक्षों को भारी मुनाफा होने के आरोपों की जांच की जा रही है।

खरीदी गई करीब 33 एकड़ जमीन

ईडी के मुताबिक, टीडीआई ग्रुप ने इस अवधि में तीन कंपनियों के जरिए किसानों से करीब 33 एकड़ जमीन खरीदी। इनमें इंडो एशियन कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, एनसीआर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और दिव्य ज्योति एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, बाद में यही जमीन अतुल बंसल के नेतृत्व वाले समूह को ऊंचे मुनाफे पर बेची गई। ईडी अब इन जमीन सौदों और उनसे जुड़े धन के प्रवाह की जांच कर रही है। मानेसर लैंड स्कैम की मूल जांच में 2015 में दर्ज मामले से जुड़े लेनदेन की भी पड़ताल हुई है।

तलाशी के दौरान टीडीआई ग्रुप के अन्य प्रोजेक्टों से संबंधित कथित अनियमितताओं और गतिविधियों के रिकॉर्ड मिलने की बात भी ईडी ने कही है। एजेंसी ने दर्जनों प्रोजेक्ट रिकॉर्ड और फाइलों के साथ कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, सर्वर तथा अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। ईडी के अनुसार, तलाशी के दौरान मिले कुछ लग्जरी वाहनों को भी अपराध से अर्जित आय से जुड़ी संपत्ति के तौर पर चिन्हित कर जब्त किया गया है। जब्त दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, संपत्तियों और टीडीआई ग्रुप की कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।

जांच एजेंसी अब जमीन की खरीद-फरोख्त में इस्तेमाल धन, उसके लेनदेन और कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगा रही है। ईडी के अनुसार, आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। टीडीआई ग्रुप से जुड़े एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी पहले भी संपत्तियों पर कार्रवाई कर चुकी है। मार्च 2026 में एजेंसी ने टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों की करीब 206.40 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच करने की जानकारी दी थी। हालांकि वह कार्रवाई अलग मामले से संबंधित थी।



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