कृषि कानूनों के विरोध में प्रदेशभर में किसानों ने मनाया संपूर्ण क्रांति दिवस

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बोले-जब तक कानून वापिस नहीं, प्रदर्शन नहीं थमेगा

  • केन्द्र सरकार पर लगाया हठधर्मिता अपनाने का आरोप

रोहतक (सच कहूँ न्यूज)। केन्द्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को लागू किए शनिवार को एक साल पूरा हो गया। इस मौके पर किसानों ने प्रदेशभर में संपूर्ण क्रांति दिवस मनाया। इस दौरान सरसा, फतेहाबाद, जीन्द, हिसार, रोहतक, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न जिलों में किसानों ने सांसदों, विधायकों और मेयरों के आवास के बाहर प्रदर्शन कर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई और इन बिलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। रोहतक में भाकियू अंबावता के नेतृत्व में किसानों ने भाजपा मेयर कार्यालय का घेराव किया और विरोध स्वरूप तीन कृषि काले कानूनों की प्रतियां जलाई।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल नांदल ने कहा कि इन कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को छह महीने से ज्यादा समय हो चुका है और इस दौरान कई किसान शहीद भी हो चुके हैं, लेकिन सरकार सता के नशे में चूर है। किसानों की अनदेखी सरकार को बहुत भारी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आज पूरे भारत वर्ष में इन काले कानूनों के विरोध में क्रांति दिवस के रूप में इन कानूनों की प्रतियां जलाई गई हैं। नांदल ने कहा कि किसान आंदोलन को प्रत्येक वर्ग का भारी समर्थन प्राप्त है और सरकार के किसी भी षड्यंत्र को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

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