पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी की सजा पर रोक

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हिमाचल हाईकोर्ट ने दी राहत

चंडीगढ़। कालका से पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी को हिमाचल हाईकोर्ट ने राहत दी है। हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी। बता दें कि नालागढ़ कोर्ट ने साल 2011 के मामले में प्रदीप चौधरी को तीन साल की सजा सुनाई थी। बताया जा रहा है कि ऐसे में अब चौधरी की विधानसभा में सदस्यता भी बहाल होने के आसार बन गए हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर सरकार ने उनकी खाली सीट पर चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिख दिया है तो भी हाईकोर्ट के आदेश के बाद वह निरस्त हो जाएगा। वहीं स्पीकर को भी उन्हें बहाल करना पड़ेगा। वहीं विधानसभा स्पीकर ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रतिलिपी मिलने के बाद ही वे कुछ कह सकते हैं। यदि उनकी सजा पर रोक लग गई है तो सदस्यता बहाल की जाएगी।

गौरतलब है कि मई 2011 में चेकिंग के दौरान पुलिस से बचने के दौरान बिजली की तारों की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए लोगों ने बद्दी लालबत्ती चौक पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान हिंसा भड़कने पर थाने की गाड़ी फूंक दी गई थी और कई पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे। इसी मामले में प्रदीप चौधरी सहित 14 आरोपियों को नालागढ़ कोर्ट ने सजा सुनाई थी।

 

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