मुंढाल की अनीता सिंह का नव वर्ष पर अनोखा कदम

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कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए डोनेट कर दिए अपने बाल

गढ़ी। दान तो कई तरह का होता है, मगर दान अगर सिर के बालों का हो और बाल भी ढाई फीट लंबे हों। नव वर्ष के उपलक्ष में गांव मुंढाल खुर्द में ये अनोखा दान करने का मामला सामने आया है। लेकिन यह आसान नही था। क्?योंकि माना जाता है कि एक महिला के सोंदर्य को बढ़ाने के लिए उसके बाल बेहद अहम होते है। लेकिन मुंढाल निवासी अनीता सिंह ने कैंसर पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए अपने 20 इंच बाल डोनेट कर दिए। अनीता सिंह 3 बार खूनदान भी कर चुकी हैं। सालगिरह हो या बच्चे का जन्मदिन वें उसे यादगार बनाने के लिए खूनदान या फिर कोई अन्य सामाजिक कार्य ही करती हैं। उनके पति त्रिदेव दुग्गल भी अब तक 35 यूनिट से ज्यादा ब्लड डोनेट कर चुके हैं।

उन्होंने इंटरनेट पर देखा कि कैंसर पीड़ित महिलाओं के कीमोथेरेपी के जरिए इलाज के बाद बाल उड़ जाते हैं। माना जाता है कि सिर के बाल उड़ जाने के कारण महिलाओं की सुंदरता कम हो जाती है। अनीता ने सर्च किया तो पता चला कि दक्षिण भारत की हेयर क्राउन नामक संस्था कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। संस्था कीमोथेरेपी करवा चुकी महिलाओं को विग बनाकर देती है। वह संस्था इस कार्य के लिए स्वस्थ महिलाओं के बाल लेती है। अनीता को जब इस अनोखे दान की जानकारी मिली तो उसने अपने बाल देने का निर्णय लिया।

हेयर क्राउन संस्था की ओर से जानकारी दी गई कि अगर बाल भेजने हैं तो उनकी लंबाई कम से कम 10 ईंच होनी चाहिए। अनीता के बालों की लंबाई करीब 30 इंच थी। परिवार में सब उसके सुंदर बालों की तारीफ करते थे। अनीता सिंह के पति त्रिदेव दुग्गल ने संस्था के पदाधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने बाल काटने की विधि बताई और उन्हें कोरियर करवाने को कहा।

त्रिदेव दुग्गल ने गलेक्सी सैलून ले जाकर के अपनी पत्नि के बालों को लंबाई से कटवाया और उन्हें संस्था को भेज दिया। संस्था के पदाधिकारियों की मानें तो अनीता सिंह द्वारा डोनेट किये गए बालों से दो महिलाओं की विग बन जाएगी और वे फिर से सुंदर दिखाई देने लगेंगी।

पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से लिया फैसला : त्रिदेव दुग्गल

अनीता सिंह के पति युवा कवि त्रिदेव दुग्गल ने कहा कि उनका पूरा परिवार डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है। पूज्य गुरु जी से ही उन्हें मानवता भलाई के विभिन्न कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। वें मरते दम तक पूज्य गुरु जी की पावन सोच पर चलते हुए मानवता भलाई के कार्य करते रहेंगे।

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