यूथ वीरांगनाओं ने दो बेटियों की शादी में किया सहयोग

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संस्था लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने में दे रही है अहम योगदान

सचकहूँ/लाजपतराय रादौर। शुक्रवार को यूथ वीरांगनाएं संस्था द्वारा गांव धौंडग की दो लड़कियों की शादी में घरेलू जरूरत का सामान देकर एक निर्धन परिवार की मदद की। इस अवसर पर यूथ वीरांगनाएं सस्था की सदस्य उमारानी काम्बोज व पूजा सैनी ने बताया कि यूथ वीरांगनाएं सस्था द्वारा अनेक समाज भलाई के कार्य किए जाते हैं जिसमें गरीब लड़कियों की शादी में सहयोग देकर उनकी मदद करना। संस्था द्वारा लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई सेंटर खोले जाते हैं व उन्हें संस्था की ओर से सिलाई मशीनं दी जाती हैं।

वहीं गांव व शहरों में नशामुक्ति रैलियां के माध्यम अभियान चलाकर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करती हैं। वहीं गरीब बच्चों को पाठ्य सामग्री देकर उनकी मदद करना व उनके लिए ट्यूशन सेंटर चलाना। जिससे वे शिक्षित हो सकें। संस्था के इन्हीं कार्यो के तहत आज उन्होंने गांव धोंड़ग के एक निर्धन परिवार की दो लड़कियों की शादी में हजारों रुपए का सामान दिया जिसमें 2 सिलाई मशीनें, 2 फरार्टा पंखे, 8 कुर्सी 2 मेज, 51-51 बर्तन, 2 पानी कैंपर, दो बैग, 22 जोड़े लड़कियों के व 8 जोड़े लड़कों के, 4 बिस्तरें, दरी, बेड शीट, तकिये, कम्बल, चादर व चांदी की चुगतियां सहित शगुन के 1100 रुपएं भी दिए गए।

इस मौके पर उमारानी काम्बोज, संगीता, सुषमा देवी, जोनू, सुनीता, लक्ष्मी देवी, परमजीत सैनी, अनमोल सैनी, पूनम सैनी, काजल, सरिता अरोड़ा, पूजा शर्मा, अंजलि, मोनिका मेहता,चांदनी, पूजा, मनीषा, चारू सैनी, अल्का चौधरी व कर्मजीत सैनी आदि।

गरीबों की मदद के हाथ आज भी हैं जीवित: मातापिता

इस अवसर पर लड़कियों के माता-पिता सुनीता व अवतार सिंह ने संस्था की सदस्यों का तहदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संस्था के सदस्यों द्वारा उनका जो सहयोग किया उसके लिए वे इनका बार-बार धन्यवाद करते हैं हमारी बेटियों की शादी मे दिए गए इस सहयोग से हमें व हमारी बेटियों को काफी खुशी मिली कि दूनियां में गरीबों की मदद के हाथ आज भी जीवित हैं। जो गरीबों के सुख-दुख के साथी बनते हैं।

सिलाई सेंटर खोलकर कन्याओं को बनाया जाता हैं आत्मनिर्भर

संस्था के कार्यो की सराहना करते हुए गांव धौंड़ग के पंच रामेश्वर ने कहा कि जानकारी से पता चला है कि संस्था द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यो से निर्धन जरूरतमद लोगों को काफी लाभ मिल रहा हैं जिसके तहत निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग कर मदद की जाती हैं वहीं गरीब कन्याओं के लिए सिलाई सेंटर चलाकर उन्हें आत्मनिभर बनाया जाता हैं। व नि:शुल्क सिलाई मशीने दी जाती हैं। वहीं गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए स्टेशनरी व किताबें मौहेया करवाई जाती हैं जिससे वे शिक्षित बन सकें। संस्था की सदस्यों ने आज उनके गांव के निर्धन परिवार की दो कन्याओं की शादी में जरूरत का सामान देकर मदद की। जोकि बहुत हर सराहनीय कार्य हैं।

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