Minor Girl Marriage: बालिका वधू बनने से बची नाबालिग

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जींद (सच कहूं /गुलशन चावला)। Underage Marriage: बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम ने जिले के एक गांव में एक बालिका को वधु बनने से बचाया। टीम ने बाल विवाह की सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए नाबालिग की शादी को रूकवाया और साथ ही परिजनों को विवाह न करने के लिए चेताया। इसके अलावा बाल विवाह अधिनियम की जानकारी भी दी। जिस पर परिजनों ने आश्वासन दिया कि अब वह बालिग होने पर ही विवाह करेंगे। Jind News

बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता को सूचना मिली थी कि गांव में एक नाबालिग लडकी की शादी करवाई जा रही है और बारात रोहतक जिले के गांव से आने वाली है। इस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर लड़की के परिवार वालों से लड़की के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो परिजनों ने पहले तो टाल मटोल करने की कोशिश की और लड़की की उम्र पूरी होने की बात कही लेकिन जब उनको कार्यालय में बुलाया गया तो लगभग तीन घंटे के बाद जो सबूत दिखाए गए। जिसमें लड़की की उम्र मात्र 15 वर्ष पाई गई और शादी होने वाले दूल्हे की उम्र 31 वर्ष मिली। दुल्हे व दुल्हन की उम्र में करीब 16 वर्ष का अंतर मिला। इस पर उसके परिजनों द्वारा बताया गया कि लड़की के पिता गुजर चुके हैं और मां अनपढ़ है और उन्हें किसी कानून की कोई जानकारी नही है। इसलिए वह गलती से ऐसा कर रहे थे। Jind News

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