आसमां छू रहे सब्जियों के भाव

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चिंताजनक। महामारी के प्रकोप के बीच कोढ में खाज बनी महंगाई

  • किसान के 5 रुपये न बिके, अब 50 रु. किलो पार हुए टमाटर

भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश दुहन)। एक तरफ कोरोना महामारी तो दूसरी तरफ महंगाई की मार से आमजन में हाहाकार मची हुई है। बात करें भिवानी में हरी सब्जी के भाव की तो यहां आसमान छूने लगे हैं। किसान का जो टमाटर 5 रुपए नहीं बिका, वो आज एक माह बाद 50 के पार हो चुका है। महंगाई की मार से जहां आमजन परेशान है। वहीं विक्रेता भी अच्छी बिक्री ना होने से हताश हैं।

भिवानी सब्जी मंडी में वीरवार के भाव की बात करें तो टमाटर 50 रुपए किलो, आलू 25 रुपये, प्याज 20 रुपए, बैंगन 30 रुपये, अरबी 40 रुपये, भिंडी 30 रुपये, नींबू 40 रुपये, करेला 30 रुपये, तोरी 25 रुपये, पेठा 15 रुपए, घीया 20 रुपये, हरी मिर्ची 30 से 40 रुपये, खीरा 30 रुपए व लहसुन 100 रुपये किलो बिका। बता दें कि ये भाव सब्जी मंडी में थोक के भाव हैं। जब ये सब्जी मंडी से दुकानों या रेहड़ी के माध्यम से आम आदमी के घर जाती है तो वो दुकानदार या रेहड़ी वाला भी प्रति किलो 5 से 10 रुपये अपना मुनाफा लेता है।

महंगाई की इस मार से आमजन बेहद परेशान है। सब्जी खरीदने आए सुरेश व अन्य लोगों ने बताया कि महामारी में आमदनी कम है और महंगाई के चलते खर्च बढ़ रहा है। जिसके कारण वो एक समय की भी आधी सब्जी खरीदने को मजबूर हैं। वहीं सब्जी विक्रेता वेदपाल व नरेश ने कहा कि यूं तो हर साल भाव बढ़ते हैं, लेकिन महामारी में लोगों की आय कम होने के चलते लोगों की खरीद क्षमता भी कम हो गई है। जिसके चलते ग्राहक पहले की तुलना में आधी सब्जी खरीद कर लौट जाता है।

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