22 मई को मनीषा ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था

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माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा लौटी मनीषा पायल का हिसार में स्वागत

हिसार (सच कहूँ न्यूज)। तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर लौटी पर्वतारोही मनीषा पायल का आज हिसार में अलग-अलग स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। मुख्य सम्मान समारोह रेड स्केयर मार्केट में राह ग्रुप फाउंडेशन की ओर से किया गया जिसकी कि मनीषा ब्रांड एंबेसेडर हैं। मनीषा ने 14 अप्रैल से लुकला एयरपोर्ट के पास स्थित बेस से अपनी टीम के साथ चढ़ाई आरंभ की थी। कई बाधाओं के बावजूद भी 22 मई को मनीषा ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया।

इस अभियान के दौरान मनीषा 7 मई को बफीर्ले से तूफान घिर गई थीं और उनकी जान पर बन आई थी। इस कारण उन्हें बेस कैंप लौटना पड़ा था। इसी प्रकार एक और बार उन्हें तूफान के कारण बेस कैंप लौटना पड़ा था। मूल रूप से फतेहाबाद जिले के बनावाली गांव की मनीषा के पिता महेन्द्र पायल वर्तमान में हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और वे लंबे समय से हिसार पुलिस लाइन में ही रह रहें हैं। इस मिशन के दौरान माइनस 37 डिग्री तापमान होने के कारण चिल बर्न के कारण मनीषा की तबीयत बहुत अधिक खराब हो गई थी। इसके चलते उन्हें काठमांडू, दिल्ली व गुरूग्राम के अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती होना पड़ा था।

  • 2019 में दक्षिणी अफ्रीका की 19430 फुट ऊंची चोटी किली मंजारो फतह की थी

पर्वतारोही मनीषा ने इससे पहले 26 जनवरी 2019 को दक्षिणी अफ्रीका की 19430 फुट ऊंची चोटी किली मंजारो फतह की थी। उस समय वहां पर माइनस 70 डिग्री से भी कम तापमान रहता है।

यह ऐसा समय होता है जब कई पर्वतारोही इस विपरीत मौसम में इस चोटी की तरफ जाने की भी नहीं सोचते होंगे। दक्षिणी अफ्रीका की किली मंजारो व माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली मनीषा सेवन समिट यानी सातों महाद्वीपों की 7 ऊंची चोटियों में शेष बची पांच चोटियों को फतेह करने का इरादा रखती है, जिनमें से इंडोनेशिया की कारस्टेन्स पिरामिड शिखर, यूरोप की एलबुर्स, अमेरिका की माउंट देनाली, अंटार्कटिका की विन्सन की चढ़ाई करना उनका अगला लक्ष्य है।

 

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