बागवानी पर मौसम की मार, पाले से बर्बाद हुई पपीते की फसल

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आर्थिक नुक्सान से किसान राजेश लक्ष्मणपुरा परेशान

  • सरकार से लगाई आर्थिक मदद की गुहार

तोशाम (सच कहूँ न्यूज)। पारंपरिक खेती को छोड़कर गाँव लक्ष्मणपुरा निवासी किसान ने बागवानी की तरफ रुझान किया तो वहां भी किसान को नुकसान के सिवाय कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ। पूरी फसल बर्बाद होने के कारण वे अब परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

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गाँव लक्ष्मणपुरा निवासी किसान राजेश पंघाल ने एक एकड़ में ड्रेगन फ्रूट व पपीते की फसल लगाई थी, जिसके गत दिवस पाला पड़ने के कारण पौधे खत्म हो गए। राजेश लक्ष्मणपुरा ने बताया कि उसे एक एकड़ में पपीते लगाए हुए थे और लगभग 90 क्विंटल पपीता लगा हुआ था, लेकिन पाला पड़ने से पपीते की फसल बर्बाद होने के कारण लाखों रुपए का नुकसान हो गया, जिससे किसान काफी चिंतित है। उन्होंने बताया कि किसानों की फसल बर्बाद होना अब तो आम बात हो गया है। कभी बारिश, बाढ़ तो कभी अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को हमेशा क्षति का सामना करना पड़ता है। किसानों का इतना बुरा हाल हो गया है, कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि अब वह कौन सी फसल की खेती करें और किस फसल से बेहतर उपज के साथ बेहतर मुनाफा अर्जित कर के अपने हुए नुकसान की भरपायी कर पाएं।

किसान पपीते के पेड़ खराब होने के कारण अब काट रहे हैं और दो दिनों से पपीते के खराब हुए पेड़ों पर लगे हुए लगभग 35 क्विंटल पपीतों को ट्रैक्टर-ट्रालियां में भरकर तोशाम, ढ़ाणीमाहू, दुल्हेड़ी व खरकड़ी गौशाला में गऊओं को खाने के लिए भेजा गया। किसान राजेश ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। किसान ने आरोप लगाया कि बागवानी में सब्सिडी देने के लिए सरकार वाहवाही लुट रही है, लेकिन उन्हें न तो ड्रेगन फ्रुट की और ना ही पपीते पर कोई सब्सिडी मिली है।

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