मौसम अपडेट: पूरे उत्तर भारत में आज भारी बरसात होने के आसार बरसे बादल, दिल्ली में 46 साल का रिकॉर्ड टूटा

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  •  बारिश से धान की फसल को फायदा तो कपास व बाजरे के लिए नुक्सान

सच कहूँ/संदीप सिंहमार
हिसार। पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने व चक्रवाती परिसंचरण के कारण शुक्रवार देर रात्रि से लेकर शनिवार को भी दिन भर बादल बरसते रहे। इस दौरान कहीं तेज तो कहीं मध्यम स्तर की बारिश हुई। शनिवार को हुई भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तो 46 वर्षों का बारिश का रिकॉर्ड टूटता नजर आया। बारिश के पानी के कारण जहां दिल्ली का बुरा हाल था। वहीं इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी जलमग्न हो गया। बारिश के कारण आलम यह था कि रेलवे की पार्किंग में जहां पानी खड़ा नजर आया। वहीं विभिन्न उड़ानों को जलभराव की वजह से रद्द करना पड़ा। पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली, एनसीआर, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्र, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के सा हुई।

आज इन प्रदेशों में भी बदला रहेगा मौसम

पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी गुजरात और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के हिस्सों, कोकण और गोवा और तटीय कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दस्तानों पर तेज बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में दो स्थानों पर हल्की बारिश के साथ एक ही स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। आंतरिक कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, बिहार और पूर्वोत्तर भारत में हल्की बारिश संभव है।

बना रहेगा निम्न दबाव व चक्रवाती परिसंचरण

भारत मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में पश्चिम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है। जो सशक्त होकर डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। दूसरी ओर पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र है और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। एक ट्रफ रेखा पूर्वोत्तर अरब सागर से गुजरात होते हुए पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। यही वजह है कि अगले 24 से 48 घंटों तक माध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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