वर्करों ने जताया विरोध, सौंपा ज्ञापन

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मिड-डे-मील योजना को पंचायतों के अधीन करने को लेकर

सरसा/फतेहाबाद (सच कहूँ न्यूज)। मिड-डे-मील योजना को पंचायतों के अधीन करने के प्रदेश सरकार के फैसले का मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस संदर्भ में अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से उपायुक्त को सौंपा है।

इससे पूर्व उन्होंने टाऊन पार्क में एकत्रित होकर रोष सभा की। यूनियन प्रधान बलवीर कौर व सचिव राजरानी ने कहा कि हाल में केंद्र सरकार ने 16 मई को संशोधन पारित किया है।

इस संशोधन के तहत अब शहर ही नहीं जिन गांवों में सड़क सुविधा है वहां केंद्रीय रसोईघर शुरू किए जा सकते हैं। यूनियन सरकार के इस संशोधन की कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन ठेकाकरण की दिशा में ही एक कदम है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से एक कदम आगे चलते हुए इस योजना को पंचायतों को देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जो घात साबित होगी। इसे यूनियन कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। सभा को सीटू नेता नत्थू राम भारूखेड़ा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सोजन सिंह रंधावा, महेन्द्र शर्मा, बलवीर कौर गांधी ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री को भेजा 7 सूत्रीय मांग पत्र

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजकर मिड डे मील योजना को पंचायतों को देने की कोशिशों पर रोक लगाने, केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय रसोईघरों बारे 16 मई के नोटिफिकेशन को रद्द करने, वायदे के अनुसार वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी करने,

वर्कर्स के रोजगार को स्थाई करने व हटाई गई वर्कर्स को काम पर वापस लेने, सभी वर्कर्स को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन व 12 महीने वेतन देने, वर्कर्स को वर्ष में दो ड्रैस व वेतन सहित प्रसूति लाभ देने, मिड डे मील योजना में स्वयं सहायता समूहों की अनिवार्यता को बंद करने की मांग की है।

मिड डे मील वर्करों ने दिया धरना

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने वीरवार को अपाी मांगों को लेकर फतेहाबाद में लघु सचिवालय पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता यूनियन की जिला प्रधान गगनदीप कौर व सचिव किरणपाल कौर ने किया। धरने के बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा गया।

इस मौके पर मदन सिंह व गुरप्रीत सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार मिड डे मील योजना को पंचायतों के अधीन करने जा रही है जोकि बहुत घातक होगी। सरकार ऐसा करके गरीब महिलाओं के इस छोटे रोजगार पर लात मारने की तैयारी कर रही है। इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर अनिता शहीदांवाली, पुष्पा रतिया, चन्द्र समैण, गीता ढिंगसरा, अनिता अकांवाली सहित कई मौजूद थी।

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